Anmol Sandesh News Desk,भोपाल
मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और ट्रफ सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में अगले चार दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार 4 सितंबर तक जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश का असर देखने को मिल सकता है। लगातार बारिश के कारण राजधानी भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। यह फुल टैंक लेवल से महज 0.30 फीट नीचे बताया जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों की बारिश पर प्रशासन और जल संसाधन विभाग की नजर बनी हुई है।
उमरिया-बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार को उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। भोपाल समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी तेज बारिश होने की संभावना है। भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने की स्थिति बन सकती है।
4 सितंबर तक अलग-अलग इलाकों में बारिश का जोर
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश का सिस्टम धीरे-धीरे पूर्वी मध्यप्रदेश से पश्चिमी और मध्य हिस्सों की ओर बढ़ेगा।
1 और 2 सितंबर को पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश का ज्यादा असर रहने की संभावना है।
3 सितंबर को भोपाल और ग्वालियर संभाग में भारी बारिश की चेतावनी है।
4 सितंबर को उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग में सिस्टम के सक्रिय रहने का अनुमान है।
इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है।
फुल होने वाला है भोपाल का बड़ा तालाब
राजधानी भोपाल के लिए लगातार बारिश राहत के साथ एक बड़ा जलस्तर अपडेट भी लेकर आई है। बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच चुका है। फुल टैंक लेवल से अब केवल 0.30 फीट का अंतर बचा है। यदि आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहा और तालाब का जलस्तर निर्धारित सीमा तक पहुंचा, तो भदभदा डैम के गेट खोले जाने की स्थिति बन सकती है। भदभदा से छोड़ा गया पानी आगे कलियासोत डैम में पहुंचता है। ऐसे में दोनों जलाशयों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
डैमों में भी तेजी से बढ़ रहा पानी
प्रदेश में लगातार बारिश के कारण अधिकांश बड़े जलाशयों में पानी की आवक बढ़ी है। कई डैमों में जलस्तर करीब 70 प्रतिशत तक पहुंचने की जानकारी है। कुछ जलाशयों के गेट भी खोले जा चुके हैं। बारिश का नया दौर शुरू होने के बाद जलाशयों में पानी की आवक और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में बांधों के कैचमेंट क्षेत्रों में होने वाली बारिश भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।
प्रदेश में अब तक 27.7 इंच बारिश
मध्यप्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक करीब 702.9 मिलीमीटर यानी 27.7 इंच बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य बारिश करीब 30.8 इंच होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अभी भी सामान्य से लगभग 3.1 इंच बारिश कम है। हालांकि अगस्त में करीब 12 इंच बारिश होने से बारिश के आंकड़े में तेजी से सुधार हुआ है। सितंबर में यदि करीब 9.6 इंच और बारिश हो जाती है तो प्रदेश सामान्य सीजनल बारिश के 37.3 इंच के आंकड़े को पार कर सकता है।
पूर्वी हिस्से में ज्यादा कमी, पश्चिमी MP में भी अंतर
बारिश के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के पूर्वी हिस्से में करीब 5 प्रतिशत, जबकि पश्चिमी हिस्से में लगभग 15 प्रतिशत बारिश की कमी बताई गई है। इसके बावजूद कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई है। इससे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का वितरण असमान बना हुआ है।
16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के 16 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज होने की जानकारी है। इनमें— अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी शामिल हैं। वहीं प्रदेश के 39 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
बारिश से राहत भी, चुनौती भी
मानसून की सक्रियता किसानों और जलाशयों के लिए राहत लेकर आई है, लेकिन लगातार भारी बारिश से कई इलाकों में जलभराव, सड़क संपर्क प्रभावित होने और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने का खतरा भी बढ़ सकता है। खासकर ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में लोगों को नदी, नाले और निचले इलाकों से दूरी बनाए रखने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से भी मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
अब बड़े तालाब पर नजर
भोपाल में आने वाले चार दिन खास तौर पर महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। बड़े तालाब का जलस्तर फुल टैंक लेवल के बेहद करीब पहुंच चुका है। ऐसे में यदि 1 से 4 सितंबर के बीच अच्छी बारिश होती है तो बड़े तालाब के फुल होने और भदभदा डैम के गेट खुलने की संभावना बढ़ सकती है। मध्यप्रदेश में फिलहाल मानसून का फोकस बना हुआ है और अगले चार दिन प्रदेश के लिए बारिश के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं।
