Wednesday, September 2, 2026
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CG Weather: छत्तीसगढ़ में फिर बदला मौसम का मिजाज, उत्तर से दक्षिण तक भारी बारिश का अलर्ट, माडमसिल्ली बांध 100% भरा

Anmol Sandesh News Desk,रायपुर

छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में बीते दिनों से जारी बारिश के बीच मौसम विभाग ने आज भी कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से उत्तर छत्तीसगढ़ में बारिश का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है, जबकि बस्तर संभाग में भी कई स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। बारिश के साथ कुछ इलाकों में तेज हवाएं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है। लगातार बारिश का असर नदी-नालों और जलाशयों पर भी दिखाई देने लगा है। मनेंद्रगढ़ क्षेत्र में तेज बहाव के कारण पुलिया टूटने की सूचना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

उत्तर छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग के मुताबिक कम दबाव के क्षेत्र का प्रभाव प्रदेश के उत्तरी हिस्से में ज्यादा देखने को मिल रहा है। सरगुजा, सूरजपुर, जशपुर और बलरामपुर में गरज-चमक के साथ तेज से मूसलाधार बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में थोड़े समय में ज्यादा बारिश होने से सड़क, पुल-पुलिया और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने की जरूरत बढ़ गई है।

बस्तर संभाग में भी बारिश का दौर

दक्षिण छत्तीसगढ़ के बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर सहित आसपास के जिलों में भी मानसूनी गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में सामान्य तौर पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बौछारें पड़ने की संभावना भी बनी हुई है। जंगल और पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।

माडमसिल्ली बांध 100% भरा, साइफन सिस्टम एक्टिव

धमतरी जिले का माडमसिल्ली बांध लगातार बारिश के बाद पूरी तरह भर चुका है। बांध का जलस्तर 100 प्रतिशत तक पहुंचने के बाद इसका खास साइफन सिस्टम एक्टिव हो गया है। जलस्तर बढ़ने पर साइफन के जरिए पानी की निकासी अपने आप शुरू हो जाती है। इसके चलते बांध से तेज गति से पानी बाहर निकल रहा है। प्रशासन ने आसपास के लोगों से पानी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।

ब्रिटिश काल में बना था बांध

माडमसिल्ली बांध छत्तीसगढ़ के पुराने और ऐतिहासिक जलाशयों में शामिल है। इसका निर्माण 1914 से 1923 के बीच ब्रिटिश काल में कराया गया था। बांध की सबसे खास विशेषता इसका 34 साइफन स्पिलवे सिस्टम है। मानसून के दौरान जब जलाशय भर जाता है तो साइफन सिस्टम के जरिए पानी की निकासी होती है। यही वजह है कि बारिश के मौसम में यहां का नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। हालांकि जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के दौरान बांध के आसपास जाना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बिजली गिरने का भी खतरा

मौसम विभाग ने बारिश के साथ कई इलाकों में गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, खेतों और जलाशयों के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी गई है।बारिश और आंधी के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने तथा बिजली के खंभों के पास रुकने से भी बचने की अपील की गई है।

पुल-पुलियों पर बढ़ा खतरा

लगातार बारिश के कारण छोटे नदी-नालों में पानी का बहाव तेजी से बढ़ सकता है। मनेंद्रगढ़ में तेज बहाव के चलते पुलिया टूटने की सूचना के बाद ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है।ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण मार्गों, पुल-पुलियों और निचले इलाकों की निगरानी बनाए रखना है।

रायपुर से बस्तर तक बारिश का असर

फिलहाल छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। उत्तर में सरगुजा संभाग से लेकर दक्षिण में बस्तर संभाग तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। आने वाले घंटों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के अनुसार कुछ इलाकों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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