Anmol Sandesh News Desk, रायपुर
छत्तीसगढ़ में बारिश के बीच H1N1 यानी स्वाइन फ्लू संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते नजर आ रहे हैं। प्रदेश में अब तक 115 संक्रमित मरीज मिलने की जानकारी सामने आई है। इनमें सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है। संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिलों के अस्पतालों और स्वास्थ्य अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सबसे ज्यादा चिंता राजधानी रायपुर और दुर्ग जिले को लेकर सामने आ रही है। दुर्ग में 13 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि रायपुर में नए मामले सामने आने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या 54 पहुंच गई है।
दुर्ग में 13 मरीज, 7 अस्पताल में भर्ती
दुर्ग जिले में अब तक 13 लोगों के H1N1 संक्रमित होने की जानकारी है। इनमें से 4 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। वहीं 2 मरीजों का उपचार घर पर चल रहा है, जबकि 7 मरीज अस्पताल में भर्ती बताए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरत के अनुसार उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
रायपुर में 3 नए मामले, कुल संक्रमित 54
राजधानी रायपुर में भी संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं। यहां 3 नए मरीज मिलने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या 54 हो गई है। रायपुर में सक्रिय मरीजों की संख्या भी 6 से बढ़कर 9 बताई गई है। राजधानी में लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और जांच व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बिलासपुर और सरगुजा में भी बढ़े केस
बिलासपुर में संक्रमित मरीजों की संख्या 12 से बढ़कर 13 हो गई है। यहां एक्टिव केस बढ़कर 3 बताए गए हैं। वहीं सरगुजा में भी एक नया संक्रमित मिलने के बाद कुल मामलों की संख्या 3 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आने वाले मामलों पर नजर बनाए हुए है।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत?
स्वास्थ्य विभाग ने खास तौर पर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को संक्रमण के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। गर्भवती महिलाओं को भी संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने और बीमारी को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी गई है।
बुखार-खांसी को सामान्य समझकर न करें नजरअंदाज
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक H1N1 संक्रमण में शुरुआत में बुखार, खांसी, सर्दी-जुकाम और गले में खराश जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यदि इन लक्षणों के साथ सांस लेने में परेशानी बढ़ रही हो या तबीयत तेजी से बिगड़ रही हो तो समय पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। खासकर जोखिम वाले लोगों में लक्षणों को हल्के में नहीं लेने की सलाह दी गई है।
अस्पतालों को तत्काल सूचना देने के निर्देश
संक्रमण की निगरानी मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि H1N1 का संदिग्ध या पुष्ट मामला सामने आने पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को तत्काल जानकारी दी जाए। इसका उद्देश्य संक्रमित मरीजों की समय पर पहचान, निगरानी और उपचार व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना है।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी जरूरी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार H1N1 जैसे इन्फ्लुएंजा वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने के दौरान निकलने वाली सांस की बूंदों के जरिए दूसरे लोगों तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में बंद और भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना, बीमार होने पर दूसरों से अनावश्यक नजदीकी से बचना और हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखना संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है।
प्रदेश में बढ़ते मामलों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर
छत्तीसगढ़ में कुल संक्रमितों की संख्या 115 तक पहुंचने और एक्टिव केस बढ़कर 28 होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और सरगुजा समेत अन्य जिलों में सामने आ रहे मामलों को ट्रैक किया जा रहा है।फिलहाल विभाग का जोर समय पर पहचान, मरीजों की निगरानी और अस्पतालों में उपचार व्यवस्था को मजबूत रखने पर है।
सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
मौसम में बदलाव और बारिश के बीच वायरल संक्रमण के मामलों को देखते हुए लोगों को स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज करने से बचना चाहिए। हालांकि हर सर्दी-जुकाम H1N1 नहीं होता, लेकिन लगातार बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना सबसे सुरक्षित कदम है।
