Anmol Sandesh News Desk, कोलकाता।
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच मां दुर्गा की एक तस्वीर को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार की ओर से जारी एक विज्ञापन में मां दुर्गा को 11 भुजाओं वाले स्वरूप में दिखाया गया है। सामान्य तौर पर बंगाल समेत देश के कई हिस्सों में मां दुर्गा की पूजा दशभुजा यानी 10 भुजाओं वाले स्वरूप में की जाती है। ऐसे में अतिरिक्त हाथ वाली तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा तेज हो गई।
सरकारी विज्ञापन से शुरू हुआ विवाद
यह विज्ञापन पश्चिम बंगाल के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग की ओर से जारी किया गया। इसमें आगामी दुर्गा पूजा को लेकर पूजा समितियों के साथ प्रस्तावित बैठक की जानकारी दी गई थी। बैठक मिलन मेला में प्रस्तावित है और मुख्यमंत्री की मौजूदगी की संभावना भी बताई गई है। विज्ञापन में इस्तेमाल मां दुर्गा की तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे। विवाद का मुख्य मुद्दा देवी के स्वरूप में दिखाई गई 11वीं भुजा को लेकर है।
कुणाल घोष ने उठाए सवाल
टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने तस्वीर पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब मां दुर्गा का पारंपरिक स्वरूप दशभुजा माना जाता है, तो सरकारी विज्ञापन में 11 भुजाओं वाली तस्वीर क्यों इस्तेमाल की गई। उन्होंने इस स्वरूप के धार्मिक या शास्त्रीय आधार पर भी सवाल उठाया।
CPM ने भी साधा निशाना
सीपीएम नेता शतरूप घोष ने भी विज्ञापन को लेकर सरकार पर तंज कसा। उन्होंने देवी दुर्गा के पारंपरिक स्वरूप और उनके हाथों में मौजूद अस्त्र-शस्त्रों का संदर्भ देते हुए तस्वीर पर सवाल खड़े किए।
BJP का जवाब- ‘और शक्तिशाली हो गईं मां दुर्गा’
विवाद पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने अलग अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा अब और शक्तिशाली हो गई हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने विज्ञापन को अभी देखा नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि तस्वीर किसी विज्ञापन एजेंसी की गलती से तैयार हुई है, तो उसे सुधारा जा सकता है और इसे राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
धार्मिक प्रतीक से सियासी मुद्दे तक
दुर्गा पूजा पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में देवी के पारंपरिक स्वरूप से जुड़ी तस्वीर को लेकर उठे सवालों ने राजनीतिक रंग ले लिया है। फिलहाल विवाद तस्वीर की प्रस्तुति और उसके पीछे की वजह को लेकर है। यह स्पष्ट होना बाकी है कि 11 भुजाओं वाली तस्वीर जानबूझकर इस्तेमाल की गई या डिजाइन/एजेंसी स्तर पर कोई गलती हुई। अब नजर इस बात पर है कि राज्य सरकार या संबंधित विभाग इस विज्ञापन को लेकर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण देता है या तस्वीर में बदलाव करता है।
