Anmol Sandesh News Desk, रायपुर
छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार फिलहाल कुछ धीमी दिखाई दे रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में बादल तो छाए हुए हैं, लेकिन बारिश की गतिविधियां पहले की तुलना में कमजोर हुई हैं। हालिया बारिश के आंकड़ों के मुताबिक कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। लोरमी, दरीमा और कुमर्दा में 10-10 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। IMD के ताजा बुलेटिन में देश के पूर्वी हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना जताई गई है।
बलरामपुर में सामान्य से 75% ज्यादा बारिश
छत्तीसगढ़ में इस मानसून सबसे ज्यादा बारिश वाले जिलों में बलरामपुर सबसे आगे है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यहां 1 जून से 3 सितंबर तक 1433.1 मिलीमीटर यानी 56.42 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। यह सामान्य से करीब 75 प्रतिशत अधिक है। दूसरी ओर बेमेतरा में बारिश का आंकड़ा काफी कम रहा। जिले में इस अवधि में 536.7 मिलीमीटर यानी 21.13 इंच बारिश हुई, जो सामान्य से करीब 39 प्रतिशत कम है।
896 मिमी से ज्यादा का बारिश अंतर
बलरामपुर और बेमेतरा के बीच बारिश का अंतर मौसम की असमान तस्वीर को साफ दिखाता है। दोनों जिलों में अब तक हुई बारिश में करीब 896.4 मिलीमीटर यानी 35.29 इंच का अंतर है। एक तरफ बलरामपुर में सामान्य से काफी अधिक पानी गिरा है, वहीं बेमेतरा में सामान्य बारिश भी पूरी नहीं हो पाई है। इससे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून के असमान वितरण की तस्वीर सामने आती है।
प्रदेश में सामान्य से करीब 2% कम बारिश
1 जून से 3 सितंबर तक छत्तीसगढ़ में औसतन 944.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि सामान्य आंकड़ा 962.6 मिलीमीटर है। यानी इस अवधि में प्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 2 प्रतिशत कम रही। जिलों के हिसाब से तस्वीर और भी अलग है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 7 जिलों में सामान्य से 20 प्रतिशत या उससे अधिक बारिश, जबकि 4 जिलों में 20 प्रतिशत से ज्यादा कमी दर्ज की गई। बाकी 22 जिले सामान्य बारिश की श्रेणी में रहे।
रायपुर में बादल, बौछारों की उम्मीद
राजधानी रायपुर में भी मौसम का मिजाज बदलता हुआ नजर आ रहा है। आसमान में बादल छाए रहने के साथ कुछ इलाकों में बारिश के दौर बन सकते हैं। गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है। मौसम की यह स्थिति खेती-किसानी के लिए भी महत्वपूर्ण है। सितंबर में होने वाली बारिश फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन बहुत ज्यादा बारिश होने पर जलभराव और फसल नुकसान का खतरा भी बढ़ जाता है।
अगले दिनों में क्या रहेगा मौसम का रुख?
IMD के 9 सितंबर के अपडेट के मुताबिक उत्तर बंगाल की खाड़ी और आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिसके प्रभाव से ओडिशा में 9 से 11 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसका प्रभाव पूर्वी और मध्य भारत के मौसम पर भी पड़ सकता है। छत्तीसगढ़ में स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर कुछ हिस्सों में बारिश के दौर जारी रह सकते हैं। इसलिए किसानों और आम लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनी पर नजर रखने की जरूरत है।
एक नजर में
- मानसून की स्थिति: प्रदेश में बारिश की गतिविधि फिलहाल धीमी
- सबसे ज्यादा बारिश: बलरामपुर — 1433.1 मिमी
- बलरामपुर में स्थिति: सामान्य से 75% ज्यादा
- सबसे कम बारिश: बेमेतरा — 536.7 मिमी
- बेमेतरा में स्थिति: सामान्य से 39% कम
- दोनों जिलों में अंतर: 896.4 मिमी
- 3 सितंबर तक प्रदेश की औसत बारिश: 944.7 मिमी
- सामान्य बारिश: 962.6 मिमी
- अगले दिनों में: कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक के आसार
