Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
देश के कई हिस्सों में सितंबर की बारिश ने एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल दिया है। बिहार में बाढ़ की स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है, जहां 14 जिलों में अब 40 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित बताए गए हैं। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और गंगा ने भागलपुर के सुल्तानगंज में अपना पिछला उच्चतम बाढ़ स्तर भी पार कर लिया है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश के कारण स्कूल बंद करने पड़े हैं। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है, जबकि मध्य प्रदेश में मानसून फिलहाल कमजोर पड़ गया है।
बिहार में बाढ़ का दायरा बढ़ा, 14 जिलों में 40 लाख से ज्यादा प्रभावित
बिहार में लगातार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से आ रहे पानी के कारण बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 14 जिलों के 84 प्रखंडों की 514 ग्राम पंचायतों में करीब 40.21 लाख लोग प्रभावित हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल शामिल हैं। गंगा के अलावा गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है।
गंगा ने पार किया पुराना रिकॉर्ड
भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर बेहद चिंता का विषय बना हुआ है। मंगलवार को नदी का जलस्तर 36.80 मीटर तक पहुंच गया, जो अगस्त 2021 में दर्ज 36.75 मीटर के पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर है। इसके बाद डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी गई है।
यूपी में बारिश से स्कूलों पर असर
उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश और जलभराव के कारण कई जिलों में स्कूलों के संचालन पर असर पड़ा है। बरेली में नर्सरी से कक्षा 8 तक के स्कूल 8 और 9 सितंबर को बंद रखने का आदेश दिया गया था, जबकि लखीमपुर खीरी में भी बारिश के चलते कक्षा 8 तक के स्कूलों में छुट्टी की गई। वाराणसी में 9 सितंबर को कक्षा 1 से 5 तक के स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया, जबकि कक्षा 6 से 12 के लिए समय में बदलाव किया गया। यह आदेश भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए जारी किया गया था।

पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा
उत्तराखंड और हिमालयी क्षेत्रों में बारिश के बीच भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर सड़कें बाधित होने, मलबा आने और कमजोर ढलानों पर घरों को नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। यात्रियों और स्थानीय लोगों को मौसम तथा स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है। केदारनाथ क्षेत्र में बर्फबारी के बाद मौसम साफ होने से पहाड़ियों पर जमी बर्फ दिखाई देने लगी है। ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम में तेजी से बदलाव जारी है।
पश्चिम बंगाल में भी गंगा का दबाव
पश्चिम बंगाल के मालदा क्षेत्र में भी गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण निचले इलाकों में बाढ़ और कटाव की चिंता बनी हुई है। नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए बढ़ता जलस्तर परेशानी का कारण बन रहा है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।
मध्य प्रदेश में मानसून ने लिया ब्रेक
मध्य प्रदेश में फिलहाल बारिश की गतिविधियां कमजोर हैं। मौसम विभाग के अनुसार 11 सितंबर तक प्रदेश में भारी या अति भारी बारिश की संभावना नहीं बताई गई है। यानी अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मानसून की गतिविधियां सीमित रह सकती हैं। हालांकि, मौसम की तस्वीर पूरी तरह स्थिर नहीं है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए कम दबाव के क्षेत्र का असर आगे मध्य भारत में देखने को मिल सकता है। ऐसे में 12 सितंबर के बाद MP के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना पर नजर रहेगी।
छत्तीसगढ़ में 10 सितंबर से बढ़ सकती है बारिश
छत्तीसगढ़ में भी फिलहाल बारिश की गतिविधि अपेक्षाकृत कम है। हालांकि अगले एक-दो दिनों में मौसम में बदलाव के संकेत हैं। 10 सितंबर से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना बताई जा रही है। इससे किसानों को राहत मिल सकती है, लेकिन यदि बारिश अचानक तेज होती है तो निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति भी बन सकती है।

पंजाब में मानसून कमजोर, कुछ जिलों में बौछारें
पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून कमजोर पड़ने के कारण ज्यादातर हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है। पठानकोट, रूपनगर और होशियारपुर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि बाकी क्षेत्रों में बारिश की गतिविधि सीमित रहने का अनुमान है।
हरियाणा में बढ़ा तापमान
हरियाणा में मानसून की सुस्ती के बीच तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। कई शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से मौसम में गर्मी बढ़ी है और फिलहाल प्रदेश में बारिश का दौर कमजोर बना हुआ है।
राजस्थान में भी नए सिस्टम का इंतजार
राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधि कमजोर रहने की संभावना है। हालांकि बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया कम दबाव का क्षेत्र 12 सितंबर के बाद पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर शुरू कर सकता है। यानी फिलहाल देश में मौसम की तस्वीर दो हिस्सों में बंटी नजर आ रही है—एक ओर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बाढ़ और बारिश का दबाव बना हुआ है, जबकि मध्य और पश्चिमी भारत के कई हिस्से मानसून के ब्रेक से गुजर रहे हैं।
एक नजर में
- बिहार: 14 जिलों में बाढ़, 40.21 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
- बिहार की नदियां: कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर
- गंगा: भागलपुर के सुल्तानगंज में पिछला उच्चतम बाढ़ स्तर पार
- उत्तर प्रदेश: बारिश के चलते कई जिलों में स्कूल प्रभावित
- उत्तराखंड: पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा
- मध्य प्रदेश: 11 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना नहीं
- छत्तीसगढ़: 10 सितंबर से बारिश बढ़ने के आसार
- पंजाब: मानसून कमजोर, कुछ जिलों में हल्की बारिश
- हरियाणा: कई शहरों में पारा 35°C पार
- राजस्थान: 12 सितंबर के बाद पूर्वी हिस्सों में बारिश की संभावना
