Anmol Sandesh News Desk, रायपुर।
छत्तीसगढ़ में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू का संक्रमण लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। 8 सितंबर को प्रदेश में एक ही दिन में 46 नए मरीजों की पुष्टि हुई, जिसके बाद कुल संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 344 हो गया है। बीमारी अब प्रदेश के 24 जिलों तक पहुंच चुकी है। सबसे ज्यादा मामले राजधानी रायपुर से सामने आए हैं, जहां अब तक 146 मरीज मिल चुके हैं। प्रदेश में फिलहाल 122 एक्टिव केस बताए गए हैं। लगातार सामने आ रहे नए मामलों के बीच अस्पतालों में भी स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी और जिला अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संदिग्ध मरीजों की जांच और उपचार की व्यवस्था पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।
रायपुर के बाद कई जिलों में नए मामले
8 सितंबर को रायपुर में नए मामलों के अलावा दुर्ग में 4, बिलासपुर और कोरबा में 3-3 मरीज मिले। वहीं बलौदाबाजार, बस्तर और महासमुंद में 2-2 नए संक्रमित मरीज सामने आए। नए मामलों के साथ स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित जिलों में निगरानी और जांच व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया है। अब तक प्रदेश में स्वाइन फ्लू से किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग मरीजों की स्थिति पर नजर रखकर आवश्यक उपचार उपलब्ध करा रहा है।
अस्पतालों में तैयारी, संदिग्ध मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरकारी और जिला अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखने के साथ संदिग्ध मरीजों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। अस्पतालों में दवाओं और जरूरी संसाधनों का स्टॉक बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बुखार के साथ लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो लापरवाही नहीं करनी चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेने से बचने और जरूरत पड़ने पर जांच कराने की सलाह दी गई है।
बच्चे, बुजुर्ग और गंभीर बीमारी वाले रहें ज्यादा सतर्क
डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना, जरूरत के अनुसार मास्क का इस्तेमाल करना और हाथों की स्वच्छता बनाए रखना संक्रमण से बचाव में मददगार हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक लक्षण दिखने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित है। समय पर जांच और उपचार से बीमारी की गंभीरता को कम करने में मदद मिल सकती है।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
स्वाइन फ्लू में सामान्य रूप से बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में नाक से संबंधित परेशानी और पेट की तकलीफ भी हो सकती है। यदि सांस लेने में परेशानी या लक्षणों की गंभीरता बढ़े तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग की निगरानी के बीच अब सबसे बड़ी चुनौती संक्रमण को नए क्षेत्रों में फैलने से रोकना और मरीजों की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करना है।
