Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली।
देश की राजनीति में Gen-Z और युवा वर्ग तक पहुंच बनाने की होड़ के बीच भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) ने युवाओं को जोड़ने के लिए ‘Voice of Young India’ अभियान शुरू किया है। इस अभियान में कॉलेज, स्कूल और अन्य शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े युवाओं को अपनी रचनात्मकता के जरिए विभिन्न सामाजिक एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़े मुद्दों पर 2 से 3 मिनट की रील तैयार करनी होगी। अभियान का उद्देश्य युवाओं को अपनी बात रचनात्मक तरीके से रखने के लिए मंच देना और उन्हें राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों के साथ जोड़ना बताया गया है। अभियान को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी प्रचार किया जा रहा है।
5 विषयों पर बनानी होगी रील
BJYM के इस अभियान में युवाओं को पांच अलग-अलग विषयों में से निर्धारित विषयों पर रील तैयार करनी होगी। इनमें विकसित भारत और राष्ट्र निर्माण जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई है। रील के जरिए युवाओं को अपने विचार, रचनात्मकता और विजन को सामने रखने का मौका मिलेगा। अभियान को सोशल मीडिया की भाषा और युवाओं की मौजूदा डिजिटल पसंद को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
विजेता को ₹1 लाख का इनाम
अभियान में युवाओं के लिए आकर्षक पुरस्कार भी रखे गए हैं। घोषित पुरस्कारों के मुताबिक पहले स्थान पर आने वाले प्रतिभागी को ₹1 लाख, दूसरे स्थान पर रहने वाले को ₹50 हजार और तीसरे स्थान पर आने वाले प्रतिभागी को ₹25 हजार का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा टॉप-10 में जगह बनाने वाले युवाओं को सम्मानित किए जाने की भी घोषणा की गई है। इससे युवाओं में अभियान को लेकर प्रतिस्पर्धा और भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक पहुंच
BJYM अभियान को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहा है। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अभियान से जुड़ी रील और प्रचार सामग्री साझा की जा रही है। पार्टी की रणनीति में युवाओं और Gen-Z तक पहुंचने के लिए रील्स, डिजिटल कंटेंट और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को महत्वपूर्ण माध्यम बनाया जा रहा है। युवा मोर्चा का प्रयास है कि कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े ज्यादा से ज्यादा युवा इस पहल में भाग लें और अपनी रचनात्मकता के जरिए राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर अपनी राय रखें।
‘नशा मुक्त फॉर विकसित भारत’ पर भी जोर
युवाओं को जोड़ने के साथ-साथ BJYM की ओर से ‘नशा मुक्त फॉर विकसित भारत’ संकल्प अभियान पर भी जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और नशे से दूर रहने का संदेश पहुंचाना है। मध्यप्रदेश में इससे पहले ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ जैसे अभियान भी चलाए जा चुके हैं। ओरछा में हुई कार्यसमिति की बैठक में युवाओं और Gen-Z तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने के लिए सांसदों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही गई।
100 सप्ताह तक चलेगा जन-जागरूकता अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर नशामुक्ति और जन-जागरूकता से जुड़ा राष्ट्रव्यापी अभियान 100 सप्ताह तक चलाने की योजना है। इसके तहत प्रत्येक रविवार को जन-जागरूकता और समाज सेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही गई है। इस अभियान में जनप्रतिनिधि युवाओं से सीधे संवाद करने के लिए रील्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की मदद लेंगे। इसके पीछे उद्देश्य यह है कि नशामुक्ति का संदेश Gen-Z तक उसी डिजिटल भाषा और माध्यम से पहुंचाया जाए, जिसे युवा रोजाना इस्तेमाल करते हैं।
डिजिटल दौर में युवाओं से जुड़ने की नई रणनीति
BJYM के ‘Voice of Young India’ अभियान और नशामुक्ति कार्यक्रमों को पार्टी की युवा-केंद्रित डिजिटल रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। एक ओर युवाओं को रचनात्मक वीडियो बनाने और पुरस्कार जीतने का अवसर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया के माध्यम से सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने की कोशिश की जा रही है। अब देखना होगा कि ‘Voice of Young India’ अभियान में कितने युवा हिस्सा लेते हैं और सोशल मीडिया पर यह पहल किस तरह की प्रतिक्रिया हासिल करती है।
