Anmol Sandesh News Desk, रायपुर
Asian Games 2026: जापान के आइची-नगोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। शनिवार को खेले गए रोमांचक फाइनल में भारत ने ईरान को 37-34 से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत में छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी की भी अहम भूमिका रही। कोरबा जिले के छोटे से गांव केराकछार से निकलकर भारतीय महिला कबड्डी टीम तक पहुंचीं संजू देवी ने एशियन गेम्स में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उनकी उपलब्धि से छत्तीसगढ़ में खुशी का माहौल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी संजू देवी से फोन पर बातचीत कर उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।
फाइनल में ईरान को 37-34 से हराया
भारतीय महिला टीम ने फाइनल में शुरुआत से ही मुकाबले पर पकड़ बनाने की कोशिश की। भारत ने शुरुआती दौर में बढ़त हासिल की, लेकिन दूसरे हाफ में ईरान ने जोरदार वापसी करते हुए मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया। आखिरी समय तक दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव के बीच संयम बनाए रखा और अंत में 37-34 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने महिला कबड्डी में अपना एशियन गेम्स खिताब बरकरार रखा।
सेमीफाइनल में भी संजू देवी का शानदार प्रदर्शन
फाइनल से एक दिन पहले खेले गए सेमीफाइनल में भारत ने नेपाल को 48-24 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। इस मुकाबले में संजू देवी भारतीय टीम की रेडिंग में महत्वपूर्ण भूमिका में रहीं। उन्होंने लगातार सफल रेड के जरिए टीम के स्कोर को आगे बढ़ाने में योगदान दिया। एशियन गेम्स के ग्रुप चरण में भी संजू देवी का प्रदर्शन प्रभावी रहा। बांग्लादेश के खिलाफ शुरुआती मुकाबले में उन्होंने कई सफल रेड कीं और भारत ने यह मैच 42-21 से जीता।
CM साय ने फोन पर संजू को दी बधाई
भारतीय टीम की स्वर्णिम सफलता के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संजू देवी से फोन पर बात कर उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री ने संजू के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने खेल और मेहनत से छत्तीसगढ़ के साथ देश का नाम रोशन किया है। सीएम साय ने संजू देवी सहित पूरी भारतीय महिला कबड्डी टीम को स्वर्ण पदक जीतने पर शुभकामनाएं दीं और उनकी उपलब्धि को प्रदेश की युवा बेटियों और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक बताया।
छोटे से गांव से भारतीय टीम तक का सफर
संजू देवी की कहानी संघर्ष और मेहनत से जुड़ी है। वह कोरबा जिले के केराकछार गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने शुरुआती दौर में गांव के सरकारी स्कूल से कबड्डी खेलना शुरू किया। इसके बाद खेल को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने बिलासपुर स्थित बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में प्रशिक्षण लिया। रिपोर्ट के अनुसार, संजू ने कम उम्र में कबड्डी को करियर के रूप में चुनने का फैसला किया था। उनके परिवार के सामने आर्थिक और सामाजिक चुनौतियां भी थीं, लेकिन उन्होंने खेल को जारी रखा और धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
2025 महिला कबड्डी वर्ल्ड कप में बनीं MVP
संजू देवी का शानदार प्रदर्शन केवल एशियन गेम्स तक सीमित नहीं है। 2025 महिला कबड्डी वर्ल्ड कप में भी उन्होंने भारतीय टीम की खिताबी जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। ढाका में आयोजित टूर्नामेंट में भारत ने खिताब जीता और संजू देवी को उनके प्रदर्शन के लिए मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर यानी MVP चुना गया था। टूर्नामेंट के दौरान उनके प्रदर्शन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय कबड्डी में अलग पहचान दिलाई।
छत्तीसगढ़ की पहली महिला कबड्डी खिलाड़ियों में खास पहचान
संजू देवी ने छत्तीसगढ़ से निकलकर भारतीय महिला कबड्डी टीम में जगह बनाकर प्रदेश की महिला खिलाड़ियों के लिए नया उदाहरण पेश किया है। गांव से शुरू हुआ उनका सफर अब एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल तक पहुंच चुका है। एशियन गेम्स 2026 में भारत की महिला कबड्डी टीम की खिताबी जीत के साथ संजू देवी के खाते में एक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि जुड़ गई है। अब उनका नाम छत्तीसगढ़ के उन खिलाड़ियों में शामिल हो गया है, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य की पहचान मजबूत की है।
संजू देवी की उपलब्धियों पर एक नजर
- एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला कबड्डी टीम के साथ स्वर्ण पदक
- महिला कबड्डी वर्ल्ड कप 2025: भारतीय टीम के साथ चैंपियन
- वर्ल्ड कप 2025: मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर
- एशियन गेम्स 2026: बांग्लादेश और नेपाल के खिलाफ भारतीय टीम की जीत में योगदान
- निवास: केराकछार, कोरबा, छत्तीसगढ़
- प्रशिक्षण: बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी, बिलासपुर
- भारतीय महिला कबड्डी टीम: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन
