Anmol Sandesh News Desk, पटना
बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर करते हुए जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज कर ली है। इस जीत के साथ प्रशांत किशोर पहली बार विधायक बन गए हैं, जबकि लंबे समय से भाजपा के मजबूत गढ़ मानी जाने वाली बांकीपुर सीट पर पार्टी को बड़ा झटका लगा है।यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई थी। नितिन नबीन यहां से लगातार पांच बार विधायक रह चुके थे। ऐसे में इस उपचुनाव को भाजपा की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा था।

28वें राउंड तक वोटों का हाल
मतगणना के 28वें राउंड तक—
- प्रशांत किशोर (जन सुराज): 59,213 वोट
- नीरज सिन्हा (भाजपा): 39,794 वोट
- रेखा गुप्ता (राजद): 13,260 वोट
प्रशांत किशोर ने भाजपा प्रत्याशी पर 19,419 वोटों की निर्णायक बढ़त बना ली थी। केवल तीन राउंड की गिनती शेष रहने के कारण उनकी जीत लगभग तय हो गई और बाद में उन्होंने आधिकारिक रूप से चुनाव जीत लिया।
भाजपा के मजबूत गढ़ में बड़ी सेंध
बांकीपुर को वर्षों से भाजपा का सबसे सुरक्षित गढ़ माना जाता रहा है। लेकिन इस बार जन सुराज ने न सिर्फ भाजपा को कड़ी चुनौती दी, बल्कि सीट अपने नाम कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए।राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह जीत बिहार की राजनीति में जन सुराज के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
त्रिकोणीय मुकाबले की जगह सीधी टक्कर
हालांकि चुनाव से पहले जन सुराज, भाजपा और राजद के बीच त्रिकोणीय मुकाबले की चर्चा थी, लेकिन मतगणना के नतीजों ने साफ कर दिया कि मुख्य मुकाबला जन सुराज और भाजपा के बीच ही रहा।राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता तीसरे स्थान पर रहीं और मुकाबले में प्रभावी चुनौती नहीं दे सकीं।
‘कुत्ता-बिल्ली‘ वाले बयान की भी हुई चर्चा
चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद के उस बयान की भी काफी चर्चा रही, जिसमें उन्होंने कहा था कि “बांकीपुर से अगर कुत्ते-बिल्ली को भी टिकट दे दिया जाए तो भाजपा ही जीतेगी।”प्रशांत किशोर ने प्रचार के दौरान इस बयान को प्रमुख मुद्दा बनाया और लगातार भाजपा पर निशाना साधा। चुनाव परिणाम आने के बाद समर्थक इसे जनादेश का बड़ा संदेश बता रहे हैं।
जश्न में डूबे समर्थक
प्रशांत किशोर की जीत के बाद पटना स्थित जन सुराज कार्यालय और शहर के कई इलाकों में जश्न का माहौल देखने को मिला।
- कार्यकर्ताओं ने पीला गुलाल उड़ाया।
- मिठाइयां बांटी गईं।
- ढोल-नगाड़ों पर समर्थकों ने नृत्य किया।
- “बांकीपुर का बेटा कैसा हो, प्रशांत किशोर जैसा हो” के नारे पूरे इलाके में गूंजते रहे।
पत्नी डॉ. जाह्नवी दास ने जताया आभार
प्रशांत किशोर की पत्नी डॉ. जाह्नवी दास ने जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि यह बांकीपुर की जनता का विश्वास है।उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर ने इस चुनाव के लिए लगातार मेहनत की और जनता ने उस मेहनत का सम्मान किया। उन्होंने सभी मतदाताओं का दिल से धन्यवाद भी दिया।
बिहार की राजनीति में क्या बदलेगा?
बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम केवल एक सीट की जीत नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बिहार की बदलती राजनीतिक तस्वीर के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि विधानसभा में पहली बार पहुंचे प्रशांत किशोर अपनी राजनीतिक रणनीति और जन सुराज के एजेंडे को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।
