Anmol Sandesh News Desk, भोपाल।
MP Bank Holiday & Strike: मध्यप्रदेश समेत देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए सितंबर के आखिरी दिनों में जरूरी अलर्ट है। बैंक यूनियनों ने 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इससे पहले 26 सितंबर को चौथा शनिवार और 27 सितंबर को रविवार है। ऐसे में बैंक शाखाओं का कामकाज लगातार 5 दिनों तक प्रभावित हो सकता है। मध्यप्रदेश में पहले की हड़ताल के दौरान करीब 7 हजार बैंक शाखाओं पर असर और करीब 40 हजार कर्मचारियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई थी। सितंबर के अंतिम चरण में प्रस्तावित हड़ताल का असर भी खासतौर पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और शाखा आधारित सेवाओं पर पड़ सकता है।
26 से 30 सितंबर तक क्या रहेगा?
बैंक ग्राहकों को लगातार पांच दिनों की संभावित बंदी का हिसाब समझना जरूरी है:
- 26 सितंबर, शनिवार: चौथा शनिवार—बैंक अवकाश
- 27 सितंबर, रविवार: साप्ताहिक अवकाश
- 28 सितंबर, सोमवार: बैंक यूनियनों की हड़ताल
- 29 सितंबर, मंगलवार: बैंक यूनियनों की हड़ताल
- 30 सितंबर, बुधवार: बैंक यूनियनों की हड़ताल
इस तरह शाखा में जाकर होने वाले जरूरी काम के लिए ग्राहकों को पांच दिन तक इंतजार करना पड़ सकता है। खास तौर पर कैश जमा/निकासी, चेक क्लियरेंस, लोन से जुड़े काम, केवाईसी और अन्य शाखा सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है।
क्यों हो रही है बैंक कर्मचारियों की हड़ताल?
यूनियनों की सबसे प्रमुख मांग 5 डे बैंकिंग वीक लागू करने की है। इसका मतलब है कि बैंक कर्मचारियों के लिए सोमवार से शुक्रवार तक काम और शनिवार-रविवार अवकाश की व्यवस्था लागू की जाए। यूनियनों का कहना है कि 8 मार्च 2024 को हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते/9वें संयुक्त नोट में पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था की सिफारिश की गई थी। इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना लगभग 40 मिनट अतिरिक्त काम करने का प्रस्ताव भी रखा गया था। लेकिन इसे लागू करने की मंजूरी अब तक लंबित रहने का दावा यूनियनों की ओर से किया जा रहा है।

PLI को लेकर भी विरोध
बैंक यूनियनों की मांग केवल पांच दिन के कार्य सप्ताह तक सीमित नहीं है। कर्मचारी संगठनों ने Performance Linked Incentive (PLI) व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी उठाए हैं। यूनियनों ने संशोधित PLI ढांचे पर आपत्ति जताई है और इसे लेकर बातचीत की मांग की है। सरकार की ओर से कहा गया है कि कई मुद्दों पर पहले ही बातचीत हुई है और शेष विषयों का समाधान संवाद के जरिए निकाला जा सकता है।
सरकार ने हड़ताल वापस लेने की अपील की
वित्त मंत्रालय ने बैंक कर्मचारियों और यूनियनों से 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल वापस लेने की अपील की है। मंत्रालय का कहना है कि अधिकांश मुद्दों पर पर्याप्त प्रगति हुई है और बाकी मांगों पर भी बातचीत के जरिए समाधान तलाशा जा सकता है। इसके बावजूद UFBU ने 22 सितंबर की बैठक के बाद हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है। यूनियनों के मुताबिक पांच दिन के बैंकिंग सप्ताह को लेकर अभी ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
अक्टूबर में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
अगर सितंबर की हड़ताल के बाद भी कर्मचारियों की मांगों पर समाधान नहीं निकलता है, तो बैंक यूनियनों ने 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का भी ऐलान किया है। इसलिए सितंबर के अंत की तीन दिवसीय हड़ताल को बैंक यूनियनों के आंदोलन के अगले बड़े चरण के रूप में देखा जा रहा है।
ATM, UPI और ऑनलाइन बैंकिंग का क्या होगा?
ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि हड़ताल का मुख्य असर बैंक शाखाओं के कामकाज पर पड़ने की संभावना है। UPI, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और ATM सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहने की उम्मीद है, हालांकि किसी विशेष बैंक में तकनीकी या परिचालन कारणों से सेवा प्रभावित हो सकती है। वित्त मंत्रालय ने भी बैंकों को हड़ताल के दौरान व्यवधान कम करने के लिए तैयारी करने और एटीएम में पर्याप्त नकदी उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं।
ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह
अगर आपके बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो उसे 25 सितंबर तक निपटा लेना बेहतर रहेगा। विशेष रूप से चेक जमा/क्लियरेंस, कैश से जुड़े काम, केवाईसी, लोन दस्तावेज, बैंक खाते से जुड़े बदलाव और अन्य शाखा-आधारित काम पहले कर लेना सुविधाजनक रहेगा।
एक नजर में
26-27 सितंबर: नियमित बैंक अवकाश
28-30 सितंबर: प्रस्तावित देशव्यापी बैंक हड़ताल
5 दिन: लगातार शाखा सेवाएं प्रभावित होने की संभावना
मुख्य मांग: 5 डे बैंकिंग वीक
अन्य मुद्दा: PLI व्यवस्था
26 अक्टूबर: मांगें लंबित रहने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
