Anmol Sandesh News Desk,भोपाल
मध्य प्रदेश के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने भोपाल से ग्वालियर के बीच करीब 320 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल फोरलेन एक्सप्रेसवे की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कराने के लिए टेंडर जारी कर दिया है।
7 घंटे नहीं, अब सिर्फ 5 घंटे का सफर
फिलहाल भोपाल से ग्वालियर पहुंचने में करीब 428 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, जिसमें 7 से 7.5 घंटे का समय लगता है। नया एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह दूरी घटकर लगभग 320 किलोमीटर रह जाएगी और यात्रा का समय सिर्फ 5 घंटे के आसपास रह जाएगा।
100 किलोमीटर तक कम होगी दूरी
नई परियोजना के जरिए दोनों शहरों के बीच की दूरी में करीब 100 किलोमीटर की कमी आएगी। इससे न केवल समय बचेगा, बल्कि ईंधन की खपत और परिवहन लागत भी कम होगी।
क्या होगा इस परियोजना की खासियत?
- ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा।
- पूरी सड़क नए रूट पर बनाई जाएगी।
- प्रवेश और निकास केवल निर्धारित इंटरचेंज से ही होगा।
- बेहतर सुरक्षा, तेज़ यात्रा और सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी।
DPR के लिए 12 महीने का समय
MPRDC ने परियोजना की DPR तैयार करने के लिए 12 महीने की समय-सीमा तय की है। इस दौरान तीन संभावित अलाइनमेंट का सर्वे किया जाएगा, जिसके आधार पर अंतिम मार्ग तय होगा। साथ ही भूमि अधिग्रहण, बायपास, इंटरचेंज और अन्य तकनीकी पहलुओं का भी विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।
सर्वे पर खर्च होंगे ₹6.23 करोड़
परियोजना के प्रारंभिक सर्वे और DPR तैयार करने के लिए ₹6.23 करोड़ की राशि निर्धारित की गई है। सर्वे के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नया एक्सप्रेसवे किन शहरों और गांवों से होकर गुजरेगा।
MP को मिलेगा विकास का नया कॉरिडोर
यह परियोजना केवल भोपाल और ग्वालियर के बीच यात्रा को आसान नहीं बनाएगी, बल्कि औद्योगिक विकास, पर्यटन, व्यापार और निवेश को भी नई गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।अगर यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो मध्य प्रदेश के सड़क नेटवर्क में यह सबसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक साबित हो सकती है।
