Anmol Sandesh News Desk,रायपुर
छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कम हुई हैं और कई इलाकों में मौसम शुष्क बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में वर्तमान में सामान्य से करीब 26 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि राहत की खबर यह है कि 15 और 16 जुलाई से मानसून एक बार फिर सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं।मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक मौसम में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इस दौरान कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश होने की संभावना है।

15-16 जुलाई से बढ़ेगी बारिश की गतिविधियां
मौसम विभाग के मुताबिक:
- 14 और 15 जुलाई: प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना।
- 16 और 17 जुलाई: कई जिलों में बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने के आसार।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने को कहा गया है।
कहां कितनी हुई बारिश?
छत्तीसगढ़ में बारिश का आंकड़ा सभी जिलों में समान नहीं रहा है। कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ इलाकों में बारिश की कमी बनी हुई है।
- मुंगेली: 331.8 मिमी बारिश, सामान्य से करीब 21% अधिक
- बालोद: सामान्य से करीब 4% अधिक बारिश
- बलौदाबाजार: सामान्य से करीब 9% अधिक बारिश
- बलरामपुर: सामान्य से करीब 6% अधिक बारिश
- दंतेवाड़ा: सामान्य से करीब 14% अधिक बारिश
- जांजगीर-चांपा: सामान्य से करीब 13% अधिक बारिश
वहीं कुछ जिलों में बारिश सामान्य से कम रही:
- दुर्ग: करीब 4% कम
- गरियाबंद: करीब 4% कम
मानसून कमजोर होने से किसानों की चिंता
प्रदेश में मानसून की धीमी रफ्तार से कई क्षेत्रों में खेती पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। खरीफ फसलों के लिए जुलाई महीने की बारिश काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से स्थिति में सुधार हो सकता है।
मौसम विभाग की अपील
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बारिश और आंधी-तूफान के दौरान सतर्क रहें। बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें और खुले क्षेत्रों में जाने से बचें।छत्तीसगढ़ में अब सभी की नजरें 15-16 जुलाई से सक्रिय होने वाले मानसून सिस्टम पर टिकी हैं।

