Anmol Sandesh News Desk,रायपुर
CG Weather: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग ने 3 सितंबर को भारी बारिश के साथ आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मौसम का असर उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में ज्यादा दिखाई देने की संभावना है। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ अचानक बारिश होने की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटने, बिजली के खंभों और खुले स्थानों पर खतरा बढ़ने की आशंका है।
11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट का असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बलरामपुर, सरगुजा, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, रायपुर, बिलासपुर, धमतरी, जांजगीर-चांपा, दुर्ग, कोरबा और महासमुंद समेत कई इलाकों में मौसम खराब रह सकता है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना है। कुछ स्थानों पर हवा की गति करीब 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
बिजली और आंधी से रहें सावधान
बारिश के दौरान बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से खुले मैदानों में जाने से बचने की अपील की है। आंधी के दौरान बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं के पास खड़े होने से बचना जरूरी है। तेज हवा में पेड़ों की बड़ी शाखाएं टूटकर गिर सकती हैं। सड़क किनारे खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। ऐसे में खराब मौसम के दौरान गैर-जरूरी यात्रा टालना सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
निम्न दबाव का असर, उत्तर-मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के उत्तर और मध्य हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। पिछले दौर में बलरामपुर जिले में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। चांदो में 150 मिमी, रामचंद्रपुर में 120 मिमी, जबकि रामानुजगंज और वाड्रफनगर में 80-80 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। बलरामपुर, कुसमी और सामरी में भी करीब 70-70 मिमी बारिश दर्ज की गई।
धान की फसल को फायदा, सब्जी उत्पादकों की बढ़ी चिंता
लगातार हो रही बारिश से प्रदेश में धान की फसल को फायदा मिलने की उम्मीद है। पर्याप्त पानी मिलने से खेतों में नमी की स्थिति बेहतर हुई है। हालांकि दूसरी ओर लगातार बारिश ने सब्जी उत्पादकों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पानी भरने और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
दुर्ग में उफान पर शिवनाथ नदी
बारिश के कारण दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ गया है। महमरा एनिकट के ऊपर करीब डेढ़ फीट पानी बहने की स्थिति बनी हुई है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने 12 गेट खोल दिए हैं, जिससे अतिरिक्त पानी की निकासी की जा सके। नदी और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन और संबंधित विभाग हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
बारिश के साथ बढ़ सकती हैं स्थानीय परेशानियां
मौसम का यह दौर किसानों के लिए राहत लेकर आया है, लेकिन लगातार भारी बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के उफान और सड़क यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। फिलहाल छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं और आने वाले घंटों में कई इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है। लोगों से अपील है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।
