Anmol Sandesh News Desk, रायपुर
छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में संक्रमण का आंकड़ा अब 200 के पार पहुंचकर 205 हो गया है। शुक्रवार को सामने आए नए मामलों में रायपुर सबसे आगे रहा, जहां एक ही दिन में 12 मरीजों में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके अलावा बिलासपुर में 6, दुर्ग में 4, बालोद में 2 तथा महासमुंद और जांजगीर-चांपा में एक-एक नए मरीज मिले हैं। स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच कोरोना संक्रमण के नए मामले सामने आना भी स्वास्थ्य विभाग के लिए अतिरिक्त चिंता का कारण बना है। पिछले दिनों प्रदेश में कोरोना के 4 नए मामले सामने आने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि कोरोना के मामले फिलहाल सीमित हैं, लेकिन H1N1 संक्रमण के बढ़ते दायरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और अस्पतालों की तैयारियां बढ़ा दी हैं।
रायपुर बना सबसे बड़ा हॉटस्पॉट
ताजा आंकड़ों में राजधानी रायपुर स्वाइन फ्लू संक्रमण के मामले में सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है। शुक्रवार को मिले 26 नए मरीजों में अकेले 12 मरीज रायपुर से सामने आए। इसके साथ जिले में इस वर्ष अब तक सामने आए कुल मामलों की संख्या 89 बताई गई है। बिलासपुर में भी संक्रमण का असर लगातार दिखाई दे रहा है। यहां एक दिन में 6 नए मरीज मिले, जबकि दुर्ग में 4 नए संक्रमित सामने आए हैं। इससे पहले भी दुर्ग और बिलासपुर में H1N1 मरीजों को लेकर अस्पतालों में विशेष निगरानी और आइसोलेशन व्यवस्था की जानकारी सामने आ चुकी है।
205 संक्रमितों में 57 मरीज अभी एक्टिव
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े ताजा आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक कुल 205 स्वाइन फ्लू मरीजों की पुष्टि हुई है। इनमें फिलहाल 57 एक्टिव मरीज बताए गए हैं। इनमें 13 मरीज होम आइसोलेशन में उपचार करा रहे हैं, जबकि 44 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इस स्थिति ने स्वास्थ्य विभाग के सामने दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है—एक तरफ H1N1 के बढ़ते मामलों पर नियंत्रण रखना और दूसरी तरफ कोरोना के नए संक्रमणों पर निगरानी बनाए रखना।
सभी जिला अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिला स्तर पर जांच, दवाइयों और जरूरी चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता पर निगरानी रखी जा रही है। रायपुर के प्रमुख अस्पतालों में जांच की व्यवस्था को लेकर भी विभाग ने तैयारी का दावा किया है। मंत्री ने लोगों को विशेष रूप से सर्दी, खांसी, बुखार अथवा सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न करने और चिकित्सकीय सलाह लेने की बात कही है।
टीएस सिंहदेव बोले- मेरी डेढ़ साल की नातिन भी संक्रमित हुई थी
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी संक्रमण को लेकर अपनी चिंता और व्यक्तिगत अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि उनकी डेढ़ साल की नातिन भी स्वाइन फ्लू से संक्रमित हुई थी। सिंहदेव ने लोगों को अनावश्यक भयभीत नहीं होने की सलाह देते हुए कहा कि स्वाइन फ्लू का समय पर उपचार कराया जाए तो स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संक्रमण को हल्के में नहीं लेना चाहिए और लक्षण दिखाई देने पर चिकितकीय जांच जरूरी है।
डर नहीं, सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों के मुताबिक H1N1 एक संक्रामक श्वसन संक्रमण है और इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं। बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, कमजोरी और कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी रखना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढंकना और बीमार होने पर दूसरों के संपर्क से बचना संक्रमण की श्रृंखला को कम करने में मदद कर सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती
छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के मामलों का 200 पार पहुंचना स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी है। खासकर रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे शहरी क्षेत्रों में लगातार नए मरीज सामने आने से अस्पतालों पर निगरानी बढ़ाना जरूरी हो गया है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग का जोर जल्द जांच, संक्रमित मरीजों की निगरानी, अस्पतालों में उपचार व्यवस्था और जरूरी दवाइयों की उपलब्धता पर है। विशेषज्ञों की सलाह यही है कि लोग घबराएं नहीं, लेकिन बुखार, खांसी या सांस संबंधी परेशानी को सामान्य समझकर नजरअंदाज भी न करें।
फैक्ट बॉक्स:
• छत्तीसगढ़ में कुल स्वाइन फ्लू मामले: 205
• वर्तमान एक्टिव मरीज: 57
• होम आइसोलेशन: 13
• अस्पताल में भर्ती: 44
• 24 घंटे में नए मामले: 26
• नए मामलों में रायपुर: 12
• बिलासपुर: 6
• दुर्ग: 4
• बालोद: 2
• महासमुंद: 1
• जांजगीर-चांपा: 1
• कोरोना के नए मामले: 4
