Anmol Sandesh News Desk, रायपुर
रायपुर के चर्चित तेलीबांधा चौक के नाम को लेकर पिछले दो दिनों से चल रही अटकलों और विवाद पर अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्थिति साफ कर दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदला जा रहा है। इसे केवल ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ की अवधारणा के अनुरूप विकसित किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस मामले को लेकर किसी तरह के भ्रम में न रहें।
38 स्थानों पर विकसित होंगे ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 7 अक्टूबर को रायपुर में ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ और ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ विकसित करने की घोषणा की थी। इनमें रायपुर का तेलीबांधा क्षेत्र भी शामिल था। सरकारी जानकारी के अनुसार इन चौकों को जनसेवा, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प के प्रतीक के रूप में विकसित किया जाना है।
‘नाम बदलने’ की खबर से शुरू हुआ विवाद
सीएम साय की घोषणा के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि क्या रायपुर के ऐतिहासिक तेलीबांधा चौक का नाम बदलकर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ कर दिया जाएगा। इसके बाद साहू समाज की ओर से विरोध के स्वर उठे और आंदोलन की चेतावनी तक सामने आई। समाज से जुड़े लोगों का कहना था कि तेलीबांधा नाम केवल एक चौराहे की पहचान नहीं है, बल्कि इससे सामाजिक और ऐतिहासिक भावनाएं जुड़ी हुई हैं। इसी वजह से नाम परिवर्तन की आशंका को लेकर नाराजगी बढ़ी। हालांकि अब मुख्यमंत्री के स्पष्टीकरण के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है।
महापौर ने भी बताई स्थिति
इस बीच रायपुर की महापौर मीनल चौबे के साथ साहू समाज के प्रतिनिधियों की चर्चा में भी इस मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई। जानकारी के मुताबिक प्रस्तावित ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ रिंग रोड और तेलीबांधा थाना के समीप स्थित ट्राई-जंक्शन के ट्रैफिक आइलैंड को संदर्भित करता है। महापौर के अनुसार तेलीबांधा तालाब के दोनों ओर स्थित चौकों के नाम बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है। यानी मौजूदा तेलीबांधा नाम को हटाने की बात नहीं है।
भूपेश बघेल ने सरकार पर साधा था निशाना
नाम बदलने की चर्चा के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा था कि अगर तेलीबांधा चौक का नाम बदला गया तो यह तेली समाज के साथ अन्याय होगा। बघेल ने तेलीबांधा को साहू समाज की आस्था, पहचान, गौरव और पुरखों के स्वाभिमान से जोड़ते हुए सरकार को चेतावनी दी थी कि समाज नाम परिवर्तन को स्वीकार नहीं करेगा।
अब विवाद पर लगा विराम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के ताजा स्पष्टीकरण और महापौर की ओर से दी गई जानकारी के बाद तेलीबांधा चौक के नाम परिवर्तन को लेकर उठे विवाद पर फिलहाल विराम लगता नजर आ रहा है।
