Anmol Sandesh News Desk,रायपुर
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में शनिवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कांग्रेस द्वारा विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव करीब 15 घंटे तक चली मैराथन बहस के बाद सदन में संख्या बल के आधार पर खारिज हो गया।बहस के दौरान भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला, जबकि कांग्रेस ने सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया।

15 घंटे तक चली बहस, आखिरकार गिरा अविश्वास प्रस्ताव
अविश्वास प्रस्ताव पर लंबी चर्चा के दौरान कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं को लेकर सरकार को घेरा। वहीं भाजपा ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए सरकार की उपलब्धियों का बचाव किया।मत विभाजन के दौरान सदन में भाजपा के बहुमत के चलते कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव गिर गया।
CM साय बोले- कांग्रेस सिर्फ औपचारिकता निभा रही है
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कांग्रेस को पहले से पता था कि उसके पास संख्या नहीं है, फिर भी उसने केवल राजनीतिक संदेश देने के लिए अविश्वास प्रस्ताव पेश किया।उन्होंने कहा,“कांग्रेस सिर्फ औपचारिकता निभाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाई है। हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप महिलाओं, किसानों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए लगातार काम कर रही है।”
’25 साल तक सत्ता में नहीं आएगी कांग्रेस‘
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आदिवासी समाज को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा,“गांव का एक आदिवासी बेटा मुख्यमंत्री बना है, यह कांग्रेस को स्वीकार नहीं हो रहा। अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा 70 से अधिक सीटें जीतेगी और कांग्रेस अगले 25 साल तक सत्ता में नहीं आएगी।”
डिप्टी CM अरुण साव का भी पलटवार
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार का कार्यकाल घोटालों और झूठ से भरा रहा, जबकि भाजपा सरकार पारदर्शिता और विकास के एजेंडे पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का भी किया जिक्र
बहस के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आम जनता के लिए हमेशा खुली है। उन्होंने कांग्रेस विधायकों से भी कहा कि यदि उन्हें किसी मामले की शिकायत है तो वे भी हेल्पलाइन का उपयोग कर सकते हैं।
अब आगे क्या?
अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के साथ ही साय सरकार ने विधानसभा में अपना बहुमत एक बार फिर साबित कर दिया है। हालांकि, कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह राज्य के विभिन्न मुद्दों पर सरकार को विधानसभा के अंदर और बाहर घेरती रहेगी।छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस बहस के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव आने वाले समय में और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
