Anmol Sandesh News Desk, रायपुर
छत्तीसगढ़ के किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 182 करोड़ रुपये के आवंटन की जानकारी सामने आई है। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन-रबी अभियान 2026 के दौरान केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के लिए इस राशि के आवंटन की जानकारी दी। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम भी मौजूद रहे। यह आवंटन ऐसे समय हुआ है, जब देशभर में आगामी रबी सीजन की तैयारियों को लेकर केंद्र और राज्यों के बीच कृषि रणनीति पर चर्चा चल रही है। सम्मेलन में उत्पादन बढ़ाने, किसानों तक कृषि योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने, दलहन-तिलहन की खेती को बढ़ावा देने और खेती में वैज्ञानिक तकनीक के इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया।
182 करोड़ से कृषि योजनाओं को मिलेगी रफ्तार
केंद्र से मिलने वाली इस राशि से छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं और गतिविधियों को गति देने की तैयारी है। इसका उद्देश्य रबी फसलों की तैयारी के साथ किसानों तक जरूरी कृषि संसाधन और तकनीकी सहायता पहुंचाना है। छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए दलहन और तिलहन की खेती के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के साथ इन फसलों के उत्पादन को बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दलहन-तिलहन का रकबा बढ़ाने पर फोकस
राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में दलहन और तिलहन के उत्पादन को बढ़ाने को प्रमुख मुद्दों में शामिल किया गया। केंद्र सरकार देश को इन फसलों के उत्पादन में अधिक आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है। छत्तीसगढ़ में भी दलहन और तिलहन की खेती की संभावनाओं को देखते हुए उन्नत बीज, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और बेहतर तकनीक तक किसानों की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से कृषि क्षेत्र में चलाए जा रहे अभियानों में मिट्टी की जांच, संतुलित उर्वरक उपयोग, बेहतर बीज और वैज्ञानिक सलाह जैसे विषयों को भी प्रमुखता दी जा रही है।
रबी फसल की तैयारियों को मिलेगा सहारा
रबी सीजन शुरू होने से पहले किसानों के लिए खाद, प्रमाणित बीज, सिंचाई और कृषि तकनीक की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में राज्यों के साथ रबी सीजन की तैयारियों और कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा की। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 29 सितंबर को रबी अभियान के दौरान देशभर में पर्याप्त खाद, प्रमाणित बीज और आवश्यक कृषि संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। छत्तीसगढ़ को मिले 182 करोड़ रुपये के आवंटन से राज्य में कृषि क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ पर भी जोर
कृषि क्षेत्र में किसानों तक वैज्ञानिक जानकारी और आधुनिक तकनीक पहुंचाने के लिए ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ को भी महत्वपूर्ण माध्यम बनाया गया है। इस अभियान के तहत वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों को किसानों तक पहुंचकर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार खेती से जुड़ी जानकारी देने पर जोर दिया जाता है। इसमें मिट्टी की गुणवत्ता, फसल चयन, उन्नत बीज, खाद के संतुलित उपयोग और कृषि तकनीक जैसे विषय शामिल हैं।
‘खेत बचाओ अभियान’ से मिट्टी और खेती पर फोकस
केंद्र सरकार के ‘खेत बचाओ अभियान’ का उद्देश्य संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी के स्वास्थ्य, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना है। कृषि मंत्रालय के अनुसार अभियान में किसानों को मिट्टी परीक्षण, सॉयल हेल्थ कार्ड, फसल चयन, संतुलित उर्वरक उपयोग और नकली खाद-बीज की पहचान जैसे विषयों पर जागरूक किया जा रहा है। रबी अभियान 2026 के तहत 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाने की जानकारी भी केंद्रीय कृषि मंत्री ने दी है। इस दौरान कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्रों के विशेषज्ञ और विभागीय टीमें किसानों के बीच पहुंचकर स्थानीय जरूरत के मुताबिक कृषि संबंधी मार्गदर्शन देंगी।
किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में केवल बजट और उत्पादन बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि कृषि योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर भी चर्चा हुई। मिट्टी की जरूरत के मुताबिक खाद का इस्तेमाल, सही फसल और उन्नत किस्म का चयन, प्रमाणित बीज, कृषि यंत्रीकरण और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाओं तक किसानों की पहुंच बढ़ाने पर केंद्र का जोर है।
एक नजर में पूरी खबर
- छत्तीसगढ़ के लिए आवंटन: ₹182 करोड़
- घोषणा/आवंटन की जानकारी: राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन-रबी अभियान 2026
- केंद्रीय कृषि मंत्री: शिवराज सिंह चौहान
- छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री: रामविचार नेताम
- मुख्य फोकस: रबी फसल की तैयारी
- विशेष जोर: दलहन और तिलहन का रकबा बढ़ाना
- अन्य प्राथमिकताएं: उन्नत बीज, तकनीक, मिट्टी स्वास्थ्य और संतुलित उर्वरक उपयोग
- अभियान: विकसित कृषि संकल्प अभियान और खेत बचाओ अभियान
कुल मिलाकर, ₹182 करोड़ का आवंटन छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं और रबी सीजन की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय सहयोग के रूप में सामने आया है। आगे इस राशि का उपयोग किन योजनाओं और गतिविधियों में किस तरह किया जाता है, उससे किसानों को मिलने वाले वास्तविक लाभ की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
