Anmol Sandesh News Desk,दतिया
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। भाजपा द्वारा पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट न देकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों का विरोध प्रदर्शन जारी है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने भी इस मुद्दे पर भाजपा को निशाने पर लिया है।

दिग्विजय सिंह का तंज
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा—“वाह पंडित नरोत्तम मिश्रा जी, आपने तो गज़ब ही कर दिया। अपने आंदोलनात्मक विरोध से @INCIndia, @INCMP और @BJP4MP सभी को मात दे दी। बधाई… लगे रहो… जय सिया राम।”इसके बाद दिग्विजय सिंह ने फेसबुक पर भी एक पोस्ट साझा किया, जिसमें एक सोशल मीडिया यूजर की टिप्पणी शेयर की गई। इस पोस्ट में व्यंग्य करते हुए लिखा गया कि—“ED नहीं, अपनी ही पार्टी ने घरेलू छापा मार दिया… दतिया से टिकट कट गया, समर्थक हाईवे जाम कर रहे हैं… इतने साल गृह मंत्री बनकर पूरे MP को संभाला, अब खुद को संभाल नहीं पाए…”यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

विवेक तन्खा ने भी साधा निशाना
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा ने भी दतिया उपचुनाव को लेकर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा—“दतिया उपचुनाव… माई के दरबार में तूफान। बीजेपी के लिए चिंता के संकेत। क्या यह 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश में बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत है? समय ही सबसे बलवान है।”

टिकट कटने के बाद बढ़ा सियासी विवाद
भाजपा ने दतिया उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित कर दिया है, जिसके बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान—
- ग्वालियर-झांसी हाईवे पर जाम लगाया गया।
- कई स्थानों पर उग्र प्रदर्शन हुए।
- पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की घटनाएं भी सामने आईं।
- प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए।
नरोत्तम मिश्रा ने समर्थकों से की शांति की अपील
विरोध के बीच डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उम्मीदवार तय करना पार्टी का अधिकार है और सभी कार्यकर्ताओं को संयम बनाए रखना चाहिए।उन्होंने समर्थकों से अपील की कि किसी भी प्रकार का हिंसक विरोध या कानून हाथ में लेने जैसी गतिविधियां न करें और अपनी बात पार्टी के संगठनात्मक मंच पर रखें।
सियासत हुई तेज
दतिया उपचुनाव अब केवल चुनावी मुकाबला नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है। भाजपा के भीतर की हलचल और कांग्रेस के लगातार हमलों के बीच आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक राजनीतिक रंग ले सकता है।
