Anmol Sandesh News Desk,भोपाल
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली अप्रत्याशित हार के बाद भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मंगलवार को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री आवास पर पार्टी की हाईलेवल समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें चुनावी हार के हर पहलू पर विस्तार से मंथन किया गया।बैठक में मुख्यमंत्री, प्रदेश संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी और चुनाव से जुड़े प्रमुख नेता मौजूद रहे। पार्टी का फोकस इस बात पर रहा कि आखिर भाजपा के गढ़ माने जाने वाले दतिया में हार की वजह क्या रही और किन कारणों से संगठन अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका।

ऑडियो रिकॉर्डिंग और सबूत लेकर पहुंचे भाजपा प्रत्याशी
दतिया से भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी बैठक में कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज लेकर पहुंचे। उन्होंने बैठक में कई ऐसे तथ्य रखे, जिनके आधार पर चुनाव के दौरान कथित अंदरूनी गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर हुई घटनाओं पर चर्चा हुई।सूत्रों के मुताबिक, बैठक में दतिया और बरौनी क्षेत्र के कुछ पार्षदों एवं स्थानीय नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। पार्टी नेतृत्व ने इन सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।
हार की समीक्षा के लिए 2 सदस्यीय समिति गठित
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने चुनाव परिणामों की विस्तृत समीक्षा के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया है।
समिति में शामिल सदस्य:
- गौरव रणदिवे – भाजपा प्रदेश महामंत्री
- अंबाराम कराड़ा – वरिष्ठ भाजपा नेता
यह समिति चुनाव से जुड़े पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर हार के कारणों का विश्लेषण करेगी तथा अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को सौंपेगी।
6016 वोटों से मिली हार
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 6016 वोटों के अंतर से हराया। इस हार ने भाजपा संगठन को झटका दिया है, जिसके बाद पार्टी अब जमीनी स्तर पर संगठनात्मक कमियों और चुनावी रणनीति की समीक्षा में जुट गई है।
अनुशासनहीनता पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहले ही साफ कर चुके हैं कि यदि समीक्षा में किसी कार्यकर्ता या पदाधिकारी की अनुशासनहीनता या पार्टी विरोधी गतिविधि सामने आती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि पार्टी केवल हार के कारणों का विश्लेषण ही नहीं करेगी, बल्कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए संगठनात्मक स्तर पर आवश्यक सुधार भी किए जाएंगे।
आगे की रणनीति पर नजर
दतिया उपचुनाव की हार को भाजपा आगामी चुनावों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत मान रही है। पार्टी अब बूथ स्तर से लेकर संगठन तक हर स्तर पर फीडबैक जुटाकर अपनी चुनावी रणनीति को मजबूत करने की तैयारी में है।अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि दो सदस्यीय समिति अपनी रिपोर्ट में किन कारणों को हार के लिए जिम्मेदार ठहराती है और पार्टी संगठन आगे क्या कार्रवाई करता है।
