भोपाल (अनमोल संदेश डिजिटल).:
Madhya Pradesh ने गेहूं उपार्जन के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश 1 करोड़ 4 लाख 31 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदी के साथ देश में नंबर-1 राज्य बन गया है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने प्रदेश के किसानों और नागरिकों को बधाई दी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसान कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
छोटे और मध्यम किसानों को मिली प्राथमिकता:
सीएम मोहन यादव ने कहा कि इस बार सरकार ने पहली बार लघु और मध्यम श्रेणी के किसानों की गेहूं खरीदी को प्राथमिकता दी। उन्होंने बताया कि:
- पहले करीब 32.72 लाख छोटे और मध्यम किसानों से गेहूं खरीदा गया।
- इसके बाद बड़े किसानों की उपज की खरीदी की प्रक्रिया पूरी की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे लंबे समय तक गेहूं खरीदी जारी रखने में भी मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा है।
MSP पर खरीदा गया किसानों का गेहूं:
मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश में करीब पौने 14 लाख किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदा गया।उन्होंने बताया कि:
- गेहूं की खरीदी 2585 रुपए प्रति क्विंटल MSP पर की गई।
- इसके अलावा 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस भी दिया गया।
- यानी किसानों को कुल 2625 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान किया गया।
सरकार ने किसानों को लगभग 24 हजार करोड़ रुपए की राशि का भुगतान भी किया है।
“किसान कल्याण वर्ष” के रूप में काम कर रही सरकार:
सीएम मोहन यादव ने कहा कि वर्तमान समय वैश्विक संकट और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद भारत और मध्य प्रदेश ने कृषि क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया है।उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “जितने किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, सभी का गेहूं खरीदा जा चुका है। प्रदेश में रिकॉर्ड स्तर पर उत्पादन होना सौभाग्य की बात है।”
प्रदेश में बढ़ा कृषि उत्पादन:
सरकार का मानना है कि MSP बढ़ने और बोनस जैसी योजनाओं से किसानों को सीधा लाभ मिला है। इससे प्रदेश में गेहूं उत्पादन और किसानों की आय दोनों में वृद्धि हुई है।कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मध्य प्रदेश का लगातार बढ़ता गेहूं उत्पादन देश की खाद्य सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
