Anmol Sandesh News Desk, शिवपुरी
एमपी के शिवपुरी जिले में एक ही परिवार के चार बच्चों की महज 10 दिन के भीतर मौत से पूरे इलाके में चिंता और हड़कंप का माहौल है। फिजिकल थाना क्षेत्र में 21 से 31 अगस्त के बीच हुई इन मौतों में तीन बच्चे आपस में सगे भाई थे, जबकि चौथा मृतक परिवार का 19 वर्षीय रिश्तेदार था। चारों की तबीयत बिगड़ने से पहले बुखार, पेट दर्द और उल्टी-दस्त जैसी शिकायतें सामने आने की बात परिजनों ने बताई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम परिवार के घर पहुंची और परिजनों समेत वहां मौजूद लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। शुरुआती स्तर पर संक्रमण की आशंका जताई जा रही है, लेकिन चारों मौतों की वास्तविक और पुख्ता वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
झरने से लौटने के बाद शुरू हुआ बीमारी का सिलसिला
परिजनों के अनुसार, 16 अगस्त को परिवार के सदस्य बच्चों के साथ गोरा टीला के पास स्थित एक झरने पर नहाने गए थे। वहां से वापस लौटने के बाद बच्चों की तबीयत खराब होने का सिलसिला शुरू हुआ। हालांकि, झरने में नहाने और बच्चों की मौत के बीच किसी तरह का सीधा संबंध होने की स्वास्थ्य विभाग ने अभी पुष्टि नहीं की है। फिलहाल विभाग का पूरा ध्यान बीमारी के संभावित कारण और संक्रमण की स्थिति का पता लगाने पर है।
सबसे पहले 14 वर्षीय ताहिर की हालत बिगड़ी
परिवार के सदस्य तनवीर अहमद के मुताबिक, सबसे पहले उनके 14 वर्षीय बेटे ताहिर की तबीयत खराब हुई। उसे तेज बुखार के साथ उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई। इलाज के दौरान उसकी प्लेटलेट्स तेजी से गिरने की बात परिजनों ने बताई। हालत लगातार बिगड़ने के बाद बीमारी शुरू होने के करीब दो दिन के भीतर ताहिर की मौत हो गई। परिवार के लिए यह पहला बड़ा झटका था, लेकिन इसके बाद घटनाक्रम और गंभीर होता चला गया।
23 अगस्त को 19 वर्षीय अयाज ने दम तोड़ा
ताहिर की मौत के बाद परिवार में मातम का माहौल था। इसी दौरान तनवीर की बहन के 19 वर्षीय बेटे अयाज की तबीयत भी बिगड़ गई। अयाज को उपचार के लिए शिवपुरी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे ग्वालियर रेफर किया। वहां इलाज के दौरान 23 अगस्त को उसकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, अयाज की जांच में संक्रमण की बात सामने आई थी। हालांकि, अंतिम रूप से मौत किस बीमारी या संक्रमण के कारण हुई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
31 अगस्त को दो सगे भाइयों की मौत
परिवार पर तीसरा बड़ा संकट तब आया जब तनवीर के दो और बेटों 9 वर्षीय तारूफ और 11 वर्षीय तासिफ की तबीयत खराब हो गई। दोनों को बुखार आया और कुछ ही समय में उनकी हालत बिगड़ने लगी। परिजनों ने दोनों का इलाज कराया, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। 31 अगस्त की सुबह तारूफ की मौत हो गई। परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि उसी दिन शाम को उसके बड़े भाई तासिफ ने भी दम तोड़ दिया।महज 10 दिनों के भीतर एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
स्वास्थ्य विभाग ने घर पहुंचकर लिए सैंपल
लगातार चार मौतों की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ। टीम परिवार के घर पहुंची और परिवार के सदस्यों तथा वहां मौजूद लोगों के सैंपल लिए।इन सैंपलों को जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि परिवार में किसी प्रकार का संक्रमण फैला था या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सकीय कारण था।फिलहाल बच्चों का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है। ऐसे में मौत का अंतिम कारण अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है।
CMHO बोले- शुरुआती जांच में संक्रमण की आशंका
CMHO डॉ. संजय ऋषिश्वर के अनुसार, शुरुआती जांच में चारों बच्चों की मौत के पीछे संक्रमण की आशंका सामने आई है। बच्चों की प्लेटलेट्स तेजी से कम होने की जानकारी भी सामने आई है।उन्होंने बताया कि एक बच्चे की हालत गंभीर होने के दौरान उसके शरीर के कई अंगों के काम करना बंद करने की स्थिति बनी थी। स्वास्थ्य विभाग ने परिवार के सभी सदस्यों के सैंपल लिए हैं। CMHO के मुताबिक, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के वास्तविक कारण की पुष्टि की जा सकेगी।
बीमारी की वजह जानना अब सबसे बड़ी चुनौती
एक ही परिवार में लगातार चार बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ा सवाल बीमारी के वास्तविक कारण का पता लगाना है। बुखार, उल्टी-दस्त और प्लेटलेट्स में गिरावट जैसे लक्षण कई अलग-अलग स्वास्थ्य स्थितियों में दिखाई दे सकते हैं। इसलिए किसी एक बीमारी को मौत का कारण मानने से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट इस मामले में अहम साबित हो सकती है।
परिवार में मातम, इलाके में चिंता
लगातार मौतों से परिवार में गहरा मातम पसरा है। वहीं घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि चारों बच्चों की बीमारी में कोई समान कारण था या नहीं और क्या परिवार के अन्य सदस्यों में भी किसी प्रकार के संक्रमण के लक्षण मौजूद हैं। फिलहाल चारों मौतों की अंतिम वजह जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी। तब तक किसी बीमारी, संक्रमण या झरने में नहाने को मौत का निश्चित कारण मानना जल्दबाजी होगी।
मामले की टाइमलाइन
16 अगस्त: परिवार के सदस्य बच्चों के साथ गोरा टीला के पास झरने पर गए।
लगभग 19 अगस्त: ताहिर की तबीयत बिगड़ने की जानकारी।
21 अगस्त: 14 वर्षीय ताहिर की मौत।
23 अगस्त: 19 वर्षीय अयाज की ग्वालियर में इलाज के दौरान मौत।
31 अगस्त सुबह: 9 वर्षीय तारूफ की मौत।
31 अगस्त शाम: 11 वर्षीय तासिफ ने दम तोड़ा।
इसके बाद: स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिवार के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे।
