Anmol Sandesh News Desk,नई दिल्ली
देशभर में सक्रिय मानसून ने कई राज्यों में भारी तबाही मचा दी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा और उत्तराखंड में बाढ़, लैंडस्लाइड और जलभराव जैसी गंभीर स्थिति बन गई है। कई शहरों में सड़कें नदियों में बदल गई हैं, रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि कई इलाकों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में अगले 24 से 48 घंटे तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
जम्मू-कश्मीर: बादल फटे जैसे हालात, हाईवे बंद
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई।
प्रमुख घटनाएं:
- जम्मू-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे-244 बंद।
- प्रेम नगर (डोडा) के पास सड़क पर मलबा, चट्टानें और कीचड़ जमा।
- क्वार पावर प्रोजेक्ट के पास कई वाहन मलबे में दबे।
- परियोजना को भी नुकसान पहुंचने की सूचना।
- प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी।
मुंबई: पूरा शहर पानी-पानी
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई लगातार बारिश से जूझ रही है।
सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके:
- वसई-विरार
- अंधेरी
- मालाड
- भांडुप
- दादर
- माटुंगा
- नवी मुंबई
हालात:
- कई जगह घुटनों से कमर तक पानी।
- रेलवे ट्रैक जलमग्न।
- सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम।
- घरों और दुकानों में पानी घुसा।
- कई वाहन पानी में फंस गए।
इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत
लगातार बारिश के बीच मुंबई में एक तीन मंजिला इमारत ढह गई, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई। राहत और बचाव दल ने घंटों अभियान चलाकर मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर लैंडस्लाइड
भारी बारिश के चलते खंडाला एग्जिट के पास मिसिंग लिंक सेक्शन में लैंडस्लाइड हुई।
असर:
- मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे बंद।
- मुंबई-पुणे राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित।
- रेलवे ट्रैक पर भी मलबा आने से कुछ ट्रेन सेवाएं रोकी गईं।
- यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह।
पुणे में पेड़ गिरा
पुणे के लॉ कॉलेज रोड पर भारी बारिश के कारण एक विशाल पेड़ सड़क पर गिर गया।
- किसी के घायल होने की सूचना नहीं।
- मौसम विभाग ने 7 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है।
- नागरिकों से पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की अपील।
गुजरात में बाढ़ जैसे हालात
सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के कई जिलों में तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया।
सबसे ज्यादा प्रभावित जिले:
- जूनागढ़
- राजकोट
- अमरेली
- गिर सोमनाथ
- नवसारी
- भावनगर
- डांग
- साबरकांठा
प्रमुख घटनाएं:
- समधियाला गांव के पास बाढ़ में चार गाड़ियां फंसी।
- 19 लोगों का सफल रेस्क्यू।
- कई निचले इलाकों में पानी भर गया।
- नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं।
बारिश के आंकड़े:
- पिछले 24 घंटे में 32 जिलों के 164 तालुकों में बारिश।
- मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
ओडिशा में रेड अलर्ट
ओडिशा के बौध जिले में अचानक आई बाढ़ में दो महिलाएं सलुंकी नदी के बीच फंस गईं।
रेस्क्यू:
- 4 घंटे तक चला अभियान।
- दोनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
IMD का रेड अलर्ट:
- कंधमाल
- बौध
- अंगुल
- संबलपुर
- सोनपुर
इन जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी।
मध्य प्रदेश में भी आफत
लगातार बारिश से प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
प्रमुख घटनाएं:
- गांवों में घरों और स्कूलों में पानी घुसा।
- कई पुलों के ऊपर से नदी बहने लगी।
- ग्रामीण इलाकों का संपर्क टूटा।
- भोपाल के बैरसिया में पुल पार करते समय तेज बहाव में ट्रैक्टर पलट गया।
- चालक ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाई।
उत्तराखंड में अलकनंदा उफान पर
रुद्रप्रयाग और चमोली में लगातार बारिश के कारण अलकनंदा नदी विकराल रूप में बह रही है।
हालात:
- नदी किनारे बने घाट पूरी तरह डूब गए।
- प्रशासन ने नदी किनारे जाने पर रोक लगा दी।
- स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार:
- महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर में अगले 24–48 घंटे तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना।
- कई नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है।
- निचले इलाकों में जलभराव और लैंडस्लाइड का खतरा बना रहेगा।
प्रशासन की अपील
- अनावश्यक यात्रा से बचें।
- नदी, नालों और पुलों के पास न जाएं।
- मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें।
- आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन और राहत एजेंसियों से संपर्क करें।
देशभर में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। मुंबई से लेकर गुजरात, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा और उत्तराखंड तक बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई स्थानों पर बाढ़, लैंडस्लाइड और जलभराव ने सामान्य जीवन थाम दिया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आने वाले कुछ दिन और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।






