Anmol Sandesh News Desk, तेहरान
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद उनका राजकीय अंतिम संस्कार कार्यक्रम शुरू हो गया है। यह पूरा समारोह 4 जुलाई से 9 जुलाई 2026 तक 6 दिनों तक चलेगा, जिसमें तेहरान, क़ोम और मशहद में अलग-अलग धार्मिक एवं राजकीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

9 जुलाई को होगा अंतिम दफन
जानकारी के अनुसार, अंतिम दिन यानी 9 जुलाई को मशहद में उनके गृह नगर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। सुरक्षा और श्रद्धांजलि को देखते हुए पूरे देश में कड़े इंतजाम किए गए हैं।
भारी भीड़ और कड़ी सुरक्षा
इस आयोजन में लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। ईरान प्रशासन ने पूरे देश में हाई सिक्योरिटी व्यवस्था लागू कर दी है ताकि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।

भारत से कौन-कौन पहुंचा?
भारत की ओर से आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं:
- विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा
- बिहार के राज्यपाल (सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल) सैयद अता हसनैन
- विदेश मंत्रालय के अधिकारी
इसके अलावा कांग्रेस के पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद भी व्यक्तिगत रूप से तेहरान पहुंचे हैं, जो कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

अन्य देशों की भागीदारी
इस अंतिम विदाई कार्यक्रम में रूस, चीन, पाकिस्तान, सीरिया, इराक, तुर्किए, क्यूबा, लेबनान समेत कई देशों के प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुए हैं।
पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निमंत्रण मिला था, लेकिन पहले से निर्धारित विदेश यात्रा के कारण वे शामिल नहीं हो सके। हालांकि उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति से फोन पर बात कर संवेदना व्यक्त की और कहा कि भारत इस दुख की घड़ी में ईरान के साथ खड़ा है।यह आयोजन वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण राजनयिक और धार्मिक घटनाओं में से एक माना जा रहा है।
