Anmol Sandesh News Desk, बेरूत
Israel-Hezbollah Conflict: दक्षिणी लेबनान में इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। इजराइली सेना ने अली अल-ताहेर रिज के नीचे बने हिजबुल्लाह के 2 किलोमीटर से ज्यादा लंबे भूमिगत सुरंग नेटवर्क को विस्फोटकों से ध्वस्त करने का दावा किया है। इजराइली सेना के मुताबिक, इस भूमिगत परिसर में रॉकेट, मिसाइल, ड्रोन, एंटी-टैंक हथियार और विस्फोटक सहित बड़ी मात्रा में सैन्य सामग्री मौजूद थी। इस बड़े विस्फोट के बाद दक्षिणी लेबनान में 4.1 तीव्रता का भूकंपीय झटका भी दर्ज किया गया। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक यह झटका विस्फोट के बाद दर्ज हुआ था। स्थानीय लोगों ने भी जोरदार कंपन महसूस होने की बात कही।
2 KM लंबी सुरंग को 1,100 टन विस्फोटक से उड़ाने का दावा
इजराइली सेना के अनुसार अली अल-ताहेर इलाके में भूमिगत नेटवर्क दो किलोमीटर से अधिक लंबा था। IDF का कहना है कि इस नेटवर्क को निष्क्रिय करने के लिए बड़े पैमाने पर विस्फोटक इस्तेमाल किए गए। इजराइली मीडिया के मुताबिक सेना ने करीब 1,100 टन विस्फोटक इस्तेमाल किए। IDF के अनुसार, इस नेटवर्क में हथियार रखने के स्थान, कमांड सेंटर, जनरेटर रूम, रहने के कमरे, शॉवर और रसोई जैसी सुविधाएं भी थीं। सेना का दावा है कि इससे हिजबुल्लाह के लड़ाके लंबे समय तक भूमिगत रहकर सैन्य गतिविधियां संचालित कर सकते थे।
धमाके के बाद 4.1 तीव्रता का भूकंपीय झटका
सुरंगों को विस्फोट से ध्वस्त किए जाने के बाद दक्षिणी लेबनान में 4.1 मैग्नीट्यूड का भूकंप दर्ज किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक इलाके में जोरदार धमाका और जमीन में कंपन महसूस किया गया। इस घटना ने इसलिए भी ध्यान खींचा क्योंकि सामान्य सैन्य विस्फोट की तुलना में इस ऑपरेशन का पैमाना काफी बड़ा बताया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों में भूकंपीय झटके को विस्फोट से जुड़ा बताया गया है।
नेतन्याहू बोले- मिशन पूरा
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने ऑपरेशन के पूरा होने की पुष्टि की। इजराइली नेतृत्व ने इसे दक्षिणी लेबनान में बनाए गए सुरक्षा क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया। इजराइली सेना का कहना है कि उसने अली अल-ताहेर क्षेत्र में जमीन के ऊपर और नीचे दोनों जगह ऑपरेशनल कंट्रोल हासिल कर लिया है। हालांकि, क्षेत्र में इजराइली नियंत्रण की वास्तविक सीमा को लेकर स्वतंत्र रूप से पूरी पुष्टि करना कठिन है।
सुरंगों में घुसे थे IDF सैनिक, लड़ाकों से हुई मुठभेड़
IDF ने इससे पहले सुरंग नेटवर्क के अंदर अपने सैनिकों की कार्रवाई के फुटेज जारी किए थे। इजराइली सेना के मुताबिक, सुरंगों में मौजूद कुछ हिजबुल्लाह लड़ाके मारे गए, जबकि कुछ वहां से भागने में सफल हुए। 11 सितंबर को जारी एक वीडियो में भी अली अल-ताहेर इलाके के एक भूमिगत रास्ते से हिजबुल्लाह के लड़ाकों द्वारा गोलीबारी और उसके जवाब में IDF की कार्रवाई दिखाई गई। यह जानकारी मुख्य रूप से इजराइली सेना के दावे पर आधारित है।
20 साल में तैयार हुआ था भूमिगत नेटवर्क
इजराइली सेना का दावा है कि यह भूमिगत सैन्य ढांचा करीब दो दशकों में तैयार किया गया था और इसके निर्माण व योजना में ईरान की मदद थी। IDF ने इसे हिजबुल्लाह के लिए रणनीतिक सैन्य ढांचा बताया है। अली अल-ताहेर रिज दक्षिणी लेबनान का रणनीतिक इलाका है। यहां से आसपास के कई इलाकों और महत्वपूर्ण रास्तों पर नजर रखी जा सकती है। इसी वजह से यह क्षेत्र इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच हालिया संघर्ष में महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है।
सीजफायर के बावजूद जारी है तनाव
जून में इजराइल और लेबनान के बीच संघर्ष विराम के बाद हिंसा में कमी जरूर आई थी, लेकिन दक्षिणी लेबनान में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। इजराइली सेना ने इलाके में अपनी सैन्य गतिविधियां जारी रखी हैं और हिजबुल्लाह के साथ टकराव भी सामने आता रहा है। अमेरिका की मध्यस्थता में इजराइल की वापसी और हिजबुल्लाह के हथियारबंद ढांचे को खत्म करने से जुड़े प्रयास भी चल रहे हैं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है। अली अल-ताहेर क्षेत्र इसी व्यापक विवाद का एक अहम केंद्र बना हुआ है।
क्या है ‘बद्र यूनिट’?
इजराइली दावों के मुताबिक, अली अल-ताहेर के भूमिगत परिसर में हिजबुल्लाह की ‘बद्र यूनिट’ से जुड़ा कमांड ढांचा मौजूद था। यह दक्षिणी लेबनान में संगठन की महत्वपूर्ण सैन्य संरचनाओं में से एक बताई जाती है। इजराइल का दावा है कि सुरंग नेटवर्क के नष्ट होने से हिजबुल्लाह की इस इलाके में भूमिगत सैन्य गतिविधियों और हथियारों की तैनाती को बड़ा नुकसान पहुंचा है। हालांकि, हिजबुल्लाह की ओर से इन सभी सैन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
