Anmol Sandesh News Desk, जम्मू-कश्मीर
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के बटोत इलाके में मंगलवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब एक खड़ी कार के अंदर दो पुलिसकर्मी संदिग्ध परिस्थितियों में बेहोश मिले। स्थानीय लोगों ने दोनों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल रामबन पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फिलहाल मौत के वास्तविक कारण का पता नहीं चल पाया है।
जियारत मोड़ के पास कार में मिले दोनों पुलिसकर्मी
अधिकारियों के मुताबिक घटना बटोत तहसील के सना इलाके में जियारत मोड़ के पास सामने आई। दोनों पुलिसकर्मी एक फिएट लाइनिया कार (JK-19-5299) के अंदर अचेत अवस्था में मिले थे। घटना की जानकारी मंगलवार शाम करीब 8:30 बजे सामने आई। स्थानीय लोगों ने तत्काल दोनों को कार से बाहर निकाला और जिला अस्पताल रामबन पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान फरीद अहमद और मोहम्मद याकूब के रूप में
मृतकों की पहचान हेड कांस्टेबल फरीद अहमद और सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल मोहम्मद याकूब के रूप में हुई है। दोनों जिला पुलिस लाइंस (डीपीएल), रामबन में तैनात थे। रिपोर्टों के मुताबिक फरीद अहमद रामबन के भट्टी इलाके के रहने वाले थे, जबकि मोहम्मद याकूब का संबंध जटगली क्षेत्र से बताया गया है। दोनों के शवों को अस्पताल में पोस्टमार्टम और अन्य मेडिकल-कानूनी औपचारिकताओं के लिए रखा गया है।
मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि दोनों पुलिसकर्मियों की मौत किन परिस्थितियों में हुई। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल मौत का सटीक कारण सामने नहीं आया है। पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। पुलिस ने घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। जिस कार में दोनों पुलिसकर्मी मिले, उसकी भी जांच की जा रही है। घटनास्थल और आसपास की परिस्थितियों से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
रामबन में सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण इलाका
रामबन जम्मू-कश्मीर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल है और जम्मू को कश्मीर घाटी से जोड़ने वाले श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग के महत्वपूर्ण हिस्से से जुड़ा है। ऐसे में दो पुलिसकर्मियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सुरक्षा एजेंसियों की निगाह भी मामले की जांच पर है। हालांकि, मौजूदा रिपोर्टों में इन मौतों को किसी आतंकी घटना से जोड़ने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
पुलिस की जांच के साथ अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मेडिकल जांच से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि दोनों की मौत किसी बीमारी, जहरीले पदार्थ, दम घुटने, चोट या किसी अन्य कारण से हुई है या नहीं।
