Anmol Sandesh News Desk, लखनऊ
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। उनके बयान पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं, जबकि विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

केशव प्रसाद मौर्य ने मदरसों में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ विज्ञान, गणित, कंप्यूटर और अन्य आधुनिक विषयों की शिक्षा भी मिलनी चाहिए, ताकि वे भविष्य की प्रतिस्पर्धा और रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार हो सकें।
उनके एक अन्य बयान, जिसमें मदरसों को लेकर विवादित टिप्पणी किए जाने का दावा किया जा रहा है, पर विपक्षी दलों और मुस्लिम संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं।
इस बीच राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में मदरसों से जुड़े कुछ नए नियमों या शिक्षा सुधार संबंधी प्रस्तावों पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी सहित कई धार्मिक नेताओं ने मदरसों को लेकर की गई कथित टिप्पणी का विरोध करते हुए कहा कि मदरसों का देश की शिक्षा और समाज में अपना योगदान रहा है तथा उन्हें किसी भी प्रकार की आपराधिक या आतंकी गतिविधियों से जोड़ना उचित नहीं है।फिलहाल यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और सभी की नजर सरकार के आगामी फैसलों तथा इस विवाद पर आने वाली आधिकारिक प्रतिक्रियाओं पर टिकी है।
