Anmol Sandesh News Desk,भोपाल
राजधानी भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों का सम्मान किया गया। सम्मेलन में पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान सम्मान देने और उन्हें मिलने वाली मासिक पेंशन को आयकर से मुक्त करने की मांग उठाई। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए कई नई सुविधाओं और योजनाओं की घोषणा की।

कप्तान सिंह सोलंकी ने उठाई दो बड़ी मांगें
सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने देश में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया है, इसलिए उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों के समान सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।उन्होंने यह भी मांग की कि लोकतंत्र सेनानियों को मिलने वाली 30 हजार रुपये मासिक पेंशन को आयकर से पूरी तरह मुक्त किया जाए। उन्होंने बताया कि यह मांग पहले भी केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष रखी जा चुकी है।
95 वर्ष से अधिक आयु के सेनानियों का सम्मान
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता तथा 95 वर्षीय वरिष्ठ लोकतंत्र सेनानी शांतिलाल संघवी और लक्ष्मीनारायण पाटीदार का शाल-श्रीफल देकर सम्मान किया।

CM मोहन यादव ने कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय था, जब लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता बचाने के लिए लोकतंत्र को दबाने की कोशिश की, जबकि लोकतंत्र सेनानियों ने संघर्ष कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुरक्षित रखा।मुख्यमंत्री ने अपने बचपन का उल्लेख करते हुए कहा कि आपातकाल के दौरान उनके पिता 19 महीने तक जेल में रहे थे और परिवार ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया था।
लोकतंत्र सेनानियों के लिए कई बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं—
- लोकतंत्र सेनानियों के लिए विशेष ट्रेन से तीर्थ यात्रा की व्यवस्था।
- सरकारी रेस्ट हाउस में दो दिन तक निशुल्क ठहरने की सुविधा।
- दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों की स्मृति में पार्क और सड़कों का नामकरण।
- गंभीर बीमारी की स्थिति में सरकार द्वारा संपूर्ण इलाज का खर्च वहन किया जाएगा।
- आवश्यकता पड़ने पर एयर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
- जिन सेनानियों को अब तक ताम्रपत्र नहीं मिले हैं, उन्हें जिला प्रशासन के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
- सभी सरकारी कार्यालयों में लोकतंत्र सेनानियों को अधिकारी स्तर का सम्मान देने और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश जारी किए जाएंगे।
प्रदेशभर से पहुंचे लगभग दो हजार लोकतंत्र सेनानी
लोकतंत्र सेनानी संघ, मध्य प्रदेश के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में प्रदेशभर से करीब 2,000 लोकतंत्र सेनानी (मीसाबंदी) और उनके परिवार शामिल हुए। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश सोनी, प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री कृष्णा गौर, डॉ. महेंद्र सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
आपातकाल पर बनी विशेष फिल्म का प्रदर्शन
सम्मेलन में आपातकाल के दौर और लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित एक विशेष फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिसे लोकतंत्र प्रहरी संघ के अध्यक्ष नरेंद्र अग्रवाल ने तैयार किया है।


कांग्रेस ने जताई अलग राय
सम्मेलन के दौरान लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान दर्जा देने की मांग पर कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रिया आई। कांग्रेस विचार विभाग के अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि इस विषय पर उनकी अलग राय है और उन्होंने इस मांग पर असहमति जताई।लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में एक ओर लोकतांत्रिक संघर्षों को याद किया गया, वहीं दूसरी ओर सम्मान, सुविधाओं और पेंशन से जुड़े मुद्दों को लेकर नई मांगों और सरकारी घोषणाओं ने कार्यक्रम को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बना दिया।


