Anmol Sandesh News Desk, सागर।
मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। बुधवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छंट गए और दिन में तेज धूप देखने को मिली। इस दौरान कहीं भी भारी बारिश दर्ज नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मानसून की गतिविधियां कमजोर रह सकती हैं। गुरुवार को भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, जबकि शुक्रवार को पूर्वी मध्यप्रदेश के चार जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
चार जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने शुक्रवार को उमरिया, मंडला, बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों के अलावा कुछ अन्य स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। गुरुवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहने और धूप निकलने का अनुमान है। हालांकि स्थानीय स्तर पर बनने वाले बादलों के कारण कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं।
फिलहाल कोई मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल ऐसा कोई मजबूत मौसम सिस्टम सक्रिय नहीं है, जो व्यापक स्तर पर तेज बारिश करा सके। पश्चिमी हिस्से में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, लेकिन इसका मध्यप्रदेश पर फिलहाल ज्यादा प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। इसी वजह से अगले दो-तीन दिनों तक बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है। इसके बाद मौसम में बदलाव आने के संकेत हैं।
13 सितंबर से फिर बढ़ सकती है बारिश
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार फिलहाल तेज बारिश के लिए कोई प्रभावी सिस्टम मौजूद नहीं है। 13 सितंबर से पश्चिमी मध्यप्रदेश के जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। नए सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में एक बार फिर बारिश का दौर सक्रिय हो सकता है।
32 जिलों में सामान्य से कम बारिश
मानसून की स्थिति प्रदेशभर में एक जैसी नहीं है। पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में 5 से 25 प्रतिशत तक बारिश की कमी बताई गई है। वहीं पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी का आंकड़ा 7 से 55 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून ने सामान्य से बेहतर प्रदर्शन किया है। अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इससे साफ है कि प्रदेश में बारिश का वितरण असमान रहा है। कुछ जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि कई क्षेत्रों में बारिश की कमी बनी हुई है।
जून की बारिश की कमी अभी भी बरकरार
मानसून सीजन की शुरुआत कमजोर रहने का असर अब भी आंकड़ों में दिखाई दे रहा है। जून में मध्यप्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई और अगस्त में बारिश ने कुछ हद तक इसकी भरपाई की, लेकिन जून की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। फिलहाल पूरे सीजन में प्रदेश में करीब 7 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। मध्यप्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश का आंकड़ा करीब 37.3 इंच माना जाता है।
किसानों को 13 सितंबर के बाद बारिश की उम्मीद
अगले कुछ दिनों में बारिश कमजोर रहने के बाद 13 सितंबर से गतिविधियां बढ़ने की संभावना किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि बारिश की स्थिति जिले-दर-जिले अलग रह सकती है। ऐसे में किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और विभागीय चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
