Anmol Sandesh News Desk,उज्जैन
सावन महीने की शुरुआत के साथ ही विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए नई दर्शन व्यवस्था लागू कर दी गई है। इस बार सावन पर्व के दौरान करीब 2 करोड़ श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

दर्शन और प्रवेश मार्ग में बदलाव
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए त्रिवेणी संग्रहालय की ओर से आने वाला मार्ग मुख्य प्रवेश मार्ग बनाया गया है। भक्त नंदी द्वार, महाकाल महालोक, मानसरोवर भवन, फेसिलिटी सेंटर-1, टनल, कार्तिक मंडपम और गणेश मंडपम होते हुए बाबा महाकाल के दर्शन कर सकेंगे।दर्शन के बाद श्रद्धालुओं के लिए निर्माल्य द्वार और आपातकालीन निकास द्वार से बाहर निकलने की व्यवस्था रहेगी।
भस्म आरती और पट खुलने के समय में बदलाव
सावन-भादौ पर्व के दौरान 30 जुलाई से 7 सितंबर तक मंदिर के पट रोजाना सुबह 3 बजे खुलेंगे।
सामान्य दिन:
➡ भस्म आरती: सुबह 3 बजे से 5 बजे तक
सोमवार:
➡ मंदिर के पट: सुबह 2:30 बजे
➡ भस्म आरती: सुबह 2:30 बजे से 4:30 बजे तक
इसके बाद 8 सितंबर से मंदिर की व्यवस्था फिर सामान्य समय के अनुसार चलेगी।
बाबा महाकाल की सवारियों का भी होगा भव्य आयोजन
सावन में बाबा महाकाल की पहली सवारी 3 अगस्त 2026 को निकलेगी। इसके बाद:
* 10 अगस्त
* 17 अगस्त
* 24 अगस्त
* 31 अगस्त (पंचम सवारी)
और 7 सितंबर को राजसी सवारी पूरे वैभव के साथ नगर भ्रमण पर निकलेगी।
सावन में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से मंदिर प्रशासन ने नई गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है।
