Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली।
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। अपनी घातक गेंदबाजी से दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों को परेशान करने वाले शमी अब भारतीय टेस्ट टीम की सफेद जर्सी में नजर नहीं आएंगे। उन्होंने 6 नवंबर 2026 को अपने टेस्ट डेब्यू की 13वीं वर्षगांठ के मौके पर सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो और संदेश साझा करते हुए अपने संन्यास की जानकारी दी।
शमी ने अपने संदेश में लिखा, “अब सफेद जर्सी से विदा ले रहा हूं, लेकिन उससे जुड़ी यादों से कभी नहीं।” उनके इस फैसले के साथ ही भारतीय क्रिकेट के एक शानदार टेस्ट अध्याय का अंत हो गया है। शमी का टेस्ट करियर संघर्ष, शानदार प्रदर्शन, चोटों से जूझने और दमदार वापसी की कहानियों से भरा रहा है।
लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम से बाहर चल रहे शमी ने आखिरी टेस्ट मुकाबला साल 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। हालांकि, उन्होंने क्रिकेट से पूरी तरह दूरी बनाने का फैसला नहीं किया है। वह घरेलू क्रिकेट और सीमित ओवरों के प्रारूप में खेलना जारी रखेंगे।
भावुक संदेश के साथ शमी ने लिया संन्यास
मोहम्मद शमी ने अपने संन्यास के ऐलान में क्रिकेट के सफर से जुड़े सभी लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह भारी मन और अनगिनत खूबसूरत यादों के साथ टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह रहे हैं।
शमी के मुताबिक, जब उन्होंने पहली बार भारत की टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब यह उनके लिए देश का प्रतिनिधित्व करने का एक सपना था। इसके बाद मैदान पर बिताया गया हर पल, हर विकेट, हर संघर्ष और चोट के बाद की वापसी ने उन्हें जिंदगी में बहुत कुछ सिखाया।
उन्होंने अपने साथियों, कोचों, परिवार और देश के करोड़ों क्रिकेट प्रशंसकों का धन्यवाद किया, जिन्होंने अच्छे और मुश्किल दोनों दौर में उनका साथ दिया।
BCCI और बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन का जताया आभार
अपने भावुक संदेश में शमी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन (CAB) का भी विशेष रूप से आभार जताया।
उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं ने उनकी प्रतिभा पर भरोसा किया और उनके क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
शमी ने यह भी स्पष्ट किया कि टेस्ट क्रिकेट से उनका सफर भले ही समाप्त हो रहा है, लेकिन देश के लिए खेलने का गौरव हमेशा उनके दिल में रहेगा। मैदान पर उनकी आखिरी टेस्ट गेंद भले ही फेंकी जा चुकी हो, लेकिन भारतीय क्रिकेट के साथ उनका जुड़ाव बना रहेगा।
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद नहीं मिला टीम इंडिया में मौका
मोहम्मद शमी लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे थे। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद उन्हें टीम इंडिया में खेलने का मौका नहीं मिला। हालांकि, घरेलू क्रिकेट में वह लगातार अपनी गेंदबाजी से प्रभाव छोड़ते रहे हैं।
टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद शमी ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपना सफर जारी रखने का संकेत दिया है। वह घरेलू क्रिकेट में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसे व्हाइट बॉल टूर्नामेंट में खेलते रहेंगे।
इसका मतलब है कि क्रिकेट प्रशंसकों को शमी की तेज रफ्तार गेंदों और स्विंग का रोमांच सीमित ओवरों के मुकाबलों में देखने को मिल सकता है।
ऐसा रहा मोहम्मद शमी का शानदार टेस्ट करियर
मोहम्मद शमी ने साल 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्होंने अपने करियर में भारतीय टीम के लिए कुल 64 टेस्ट मुकाबले खेले।
उनके टेस्ट करियर के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
- टेस्ट डेब्यू: 2013
- कुल टेस्ट मैच: 64
- कुल विकेट: 229
- गेंदबाजी औसत:71
- पांच विकेट हॉल: 6 बार
- आखिरी टेस्ट: 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ
शमी की सबसे बड़ी ताकत उनकी तेज रफ्तार के साथ गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने और सीम पोजिशन से बल्लेबाजों को परेशान करने की क्षमता रही। विदेशी पिचों पर भी उन्होंने भारतीय टीम के लिए कई यादगार प्रदर्शन किए।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप और विदेशी दौरों में निभाई अहम भूमिका
मोहम्मद शमी भारतीय टेस्ट टीम के उन तेज गेंदबाजों में शामिल रहे, जिन्होंने विदेशी परिस्थितियों में टीम की गेंदबाजी को मजबूती दी। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी मुश्किल परिस्थितियों में उनकी गेंदबाजी ने कई बार विपक्षी बल्लेबाजों को दबाव में रखा।
उनकी सटीक लाइन-लेंथ, रिवर्स स्विंग और सीम मूवमेंट भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की अहम पहचान बनी। शमी ने कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में विकेट लेकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
चोटों के कारण उन्हें कई बार टीम से बाहर भी रहना पड़ा, लेकिन उन्होंने हर बार मेहनत और शानदार प्रदर्शन के दम पर वापसी की।
टेस्ट क्रिकेट को अलविदा, लेकिन क्रिकेट का सफर रहेगा जारी
मोहम्मद शमी का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास भारतीय क्रिकेट के लिए एक भावुक पल है। 13 वर्षों तक सफेद जर्सी में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले शमी ने अपनी मेहनत और प्रदर्शन से क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में खास जगह बनाई।
हालांकि, उनके प्रशंसकों के लिए राहत की बात यह है कि शमी ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास नहीं लिया है। वह घरेलू और सीमित ओवरों के क्रिकेट में खेलना जारी रखेंगे।
