Sunday, October 4, 2026
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बिहार में बाढ़ से हाहाकार, गंडक-गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर; MP से मानसून की विदाई, राजस्थान-UP में गर्मी का असर

Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली

देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ बिहार में गंडक, गंगा, कोसी, बागमती और घाघरा जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और कई इलाकों में बाढ़ का संकट बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई आगे बढ़ रही है। मध्य प्रदेश से मानसून की वापसी पूरी हो चुकी है, जबकि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।

बिहार में बाढ़ का बड़ा संकट, कई जिलों में हालात गंभीर

बिहार का बड़ा हिस्सा ऐतिहासिक रूप से बाढ़ की चपेट में आने वाला क्षेत्र है। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार बिहार के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 94.16 लाख हेक्टेयर में से करीब 68.80 लाख हेक्टेयर, यानी लगभग 73.06% क्षेत्र, बाढ़-प्रवण है। राज्य के 38 जिलों में से 28 जिले बाढ़-प्रवण माने जाते हैं। फिलहाल स्थिति इसलिए गंभीर है क्योंकि नेपाल के कैचमेंट क्षेत्र में हुई भारी बारिश के बाद गंडक नदी में तेज पानी आया और इसके चलते बिहार के कई इलाकों में तटबंधों पर दबाव बढ़ा। गंडक का पानी सारण, गोपालगंज, पश्चिमी और पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर तथा वैशाली सहित कई जिलों में असर डाल रहा है। 3 अक्टूबर की रिपोर्टों के मुताबिक गंडक, गंगा, कोसी, बागमती और घाघरा कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर या उसके आसपास बह रही हैं। सारण में क्षतिग्रस्त तटबंधों से पानी नए इलाकों में भी पहुंच रहा है।

सारण में राहत अभियान तेज, IAF ने संभाली कमान

सारण में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव अभियान तेज किया गया है। भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टरों के जरिए प्रभावित क्षेत्रों में सूखा राशन और जरूरी सामान एयर-ड्रॉप किया जा रहा है। बाढ़ के कारण कई गांवों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है और बड़ी संख्या में लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने की कोशिश जारी है। बाढ़ राहत अभियान के दौरान सारण में एक दुखद घटना भी सामने आई, जहां हेलिकॉप्टर से गिराई जा रही राहत सामग्री के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई। हालांकि मौत की परिस्थितियों को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग जानकारी सामने आई है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

यूपी में बारिश थमी, लेकिन नदियों का खतरा बरकरार

उत्तर प्रदेश में फिलहाल कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां कम हो गई हैं। मौसम विभाग के मुताबिक 3 से 5 अक्टूबर के दौरान उत्तर प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि राज्य के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर अब भी चिंता का कारण बना हुआ है। उन्नाव में गंगा की बाढ़ के कारण कुछ इलाकों में कटान और जलभराव का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने प्रभावित मार्गों पर निगरानी बढ़ाई है। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार करीब 12 गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ा था और पानी के प्रवाह को रोकने के लिए अधिकारियों ने मौके पर काम शुरू किया। बिहार से सटे पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी गंडक और अन्य नदियों के बढ़े जलस्तर का असर देखने को मिल रहा है।

मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई, बारिश में 4% की कमी

मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई पूरी हो गई है। इस साल प्रदेश में मानसून के दौरान करीब 908.4 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा लगभग 949.5 मिमी है। यानी प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से करीब 4% कम रही। प्रदेश के 55 में से करीब 30 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ। पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी अपेक्षाकृत ज्यादा रही, जबकि पूर्वी हिस्से में बारिश सामान्य से बेहतर रही। इस तरह पूरे प्रदेश का औसत आंकड़ा सामान्य के करीब रहने के बावजूद जिलावार बारिश में काफी असमानता देखने को मिली।

देश में इस बार कमजोर रहा मानसून

दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 का सीजन देशभर में सामान्य से कम बारिश के साथ समाप्त हुआ। IMD के आंकड़ों के मुताबिक जून से सितंबर के दौरान देश में करीब 759.4 मिमी बारिश हुई, जबकि लंबी अवधि का औसत 868.6 मिमी है। यानी सीजन में करीब 12.6% की कमी रही। रिपोर्टों के अनुसार यह 2001 के बाद चौथा सबसे कम बारिश वाला मानसून रहा। जून में बारिश की बड़ी कमी रही, जबकि जुलाई में स्थिति कुछ सुधरी। अगस्त और सितंबर में फिर बारिश सामान्य से कम रही।

राजस्थान में अक्टूबर की शुरुआत में भी गर्मी

राजस्थान के कई हिस्सों में अक्टूबर की शुरुआत के बावजूद दिन में गर्मी बनी हुई है। पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में तापमान ऊंचा रहने की संभावना है। पिलानी में 3 अक्टूबर को अधिकतम तापमान करीब 39 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। दिन में तेज धूप और कम नमी के कारण गर्मी महसूस हो सकती है, जबकि रात में तापमान अपेक्षाकृत कम रहने से हल्की ठंडक महसूस होगी। मानसून की वापसी के बाद राजस्थान में मौसम के धीरे-धीरे शुष्क होने की स्थिति बनी हुई है।

हरियाणा में भी गर्मी का असर

हरियाणा में अक्टूबर शुरू होने के बावजूद दिन का तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। महेंद्रगढ़ में 3 अक्टूबर को अधिकतम तापमान करीब 39-40 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार 6 से 8 अक्टूबर के बीच हरियाणा और आसपास के इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना बन सकती है।

पंजाब-चंडीगढ़ में फिलहाल मौसम शुष्क

पंजाब और चंडीगढ़ में फिलहाल मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। IMD के 3 अक्टूबर के पूर्वानुमान के अनुसार पंजाब में 6 अक्टूबर तक मौसम सूखा रहने के आसार हैं, जबकि इसके बाद कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। हरियाणा और चंडीगढ़ में भी 3 से 5 अक्टूबर तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। चंडीगढ़ में 3 अक्टूबर को अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री रहने का अनुमान है।

हिमाचल में मानसून की विदाई का दौर

हिमाचल प्रदेश में भी दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। IMD के अनुसार 3 अक्टूबर के आसपास हिमाचल समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हुई हैं। मानसून की विदाई के बाद पहाड़ी इलाकों में सुबह और रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने की संभावना रहती है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ या स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण बाद में बारिश की गतिविधियां अलग-अलग क्षेत्रों में देखी जा सकती हैं।

उत्तराखंड में आज से मानसून की वापसी

उत्तराखंड में 3 अक्टूबर से मानसून की वापसी का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों से मानसून के लौटने की संभावना है। 3 और 4 अक्टूबर को राज्य में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। मैदानी इलाकों में सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा भी बन सकता है।

5 अक्टूबर के बाद उत्तर-पश्चिम भारत में बदलाव संभव

IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में 6 से 8 अक्टूबर के बीच बारिश की गतिविधियां दोबारा देखने को मिल सकती हैं। इसका असर हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ हिस्सों में हो सकता है, जबकि पंजाब में 7-8 अक्टूबर के आसपास अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना है।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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