Tuesday, September 22, 2026
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MP के 2.46 लाख पेंशनर्स को एरियर्स के लिए करना होगा और इंतजार, सरकार ने विभागों से कोर्ट में स्टे लेने को कहा

Anmol Sandesh News Desk,भोपाल

मध्यप्रदेश के लाखों पेंशनर्स के एरियर्स भुगतान का मामला एक बार फिर कानूनी पेंच में फंस गया है। 2.46 लाख पेंशनर्स को छठवें वेतनमान के 32 महीने के बकाया एरियर्स का भुगतान अभी नहीं हो सका है। अब राज्य सरकार ने संबंधित विभागों को इस मामले में कोर्ट से स्टे लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश 21 सितंबर 2026 को जारी आदेश में दिए गए हैं। एरियर्स के भुगतान को लेकर सरकार के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई भी शुरू होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में विभागों से न्यायालय में लंबित मामलों में स्टे प्राप्त करने को कहा गया है। इसका सीधा असर यह होगा कि पेंशनर्स को बकाया राशि मिलने में अभी और समय लग सकता है।

दो वेतनमानों के एरियर्स का मामला

मामला मुख्य रूप से छठवें और सातवें वेतनमान से जुड़े बकाया भुगतान का है। छठवें वेतनमान के तहत 1 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 तक के 32 महीने के एरियर्स का मामला है। रिपोर्टों के मुताबिक इस अवधि की बकाया राशि करीब 400 करोड़ रुपए बताई जा रही है और इससे करीब 2.46 लाख पेंशनर्स प्रभावित हैं। वहीं सातवें वेतनमान से जुड़े मामले में 1 जनवरी 2016 से मार्च 2018 तक की अवधि के एरियर्स का उल्लेख किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार इस हिस्से से करीब 4.50 लाख पेंशनर्स जुड़े हैं और बकाया राशि लगभग 4,000 करोड़ रुपए बताई गई है। दोनों मामलों को मिलाकर संभावित वित्तीय भार करीब 4,400 करोड़ रुपए बताया जा रहा है।

सरकार ने क्यों मांगा स्टे?

एरियर्स के भुगतान को लेकर अलग-अलग न्यायिक मामलों में आदेश और अवमानना की कार्यवाही की स्थिति बनी है। इसी पृष्ठभूमि में राज्य सरकार ने संबंधित विभागों को अदालत में स्थगन आदेश यानी स्टे प्राप्त करने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा है। फिलहाल भुगतान का अगला रास्ता संबंधित न्यायालयों के आदेशों और चल रही न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट में भी मामला लंबित

पेंशनर्स के एरियर्स से जुड़ा विवाद केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं है। अलग-अलग राज्यों में भी वेतनमान और पेंशन पुनरीक्षण से संबंधित मामले अदालतों में पहुंचे हैं। मध्यप्रदेश में भी इस मुद्दे को लेकर न्यायिक प्रक्रिया जारी है। इसलिए फिलहाल एरियर्स भुगतान की अंतिम स्थिति अदालतों के आगामी आदेशों पर निर्भर करेगी।

पेंशनर्स के लिए क्या मतलब?

फिलहाल सरकार के नए निर्देश का अर्थ यह है कि संबंधित विभाग अदालत से राहत लेने की कोशिश करेंगे। जब तक न्यायालय से स्थिति स्पष्ट नहीं होती, एरियर्स भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ने में देरी हो सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय न्यायालय के आदेशों और संबंधित सरकारी कार्रवाई पर निर्भर रहेगा।

एक नजर में

  • 2.46 लाख: छठवें वेतनमान से जुड़े पेंशनर्स
  • 32 महीने: 1 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 का एरियर्स
  • करीब ₹400 करोड़: छठवें वेतनमान का अनुमानित एरियर्स
  • करीब 4.50 लाख: सातवें वेतनमान से जुड़े पेंशनर्स
  • करीब ₹4,000 करोड़: सातवें वेतनमान का अनुमानित एरियर्स
  • करीब ₹4,400 करोड़: दोनों मामलों की बताई गई कुल राशि
  • 21 सितंबर 2026: सरकार का संबंधित निर्देश
  • अगला कदम: विभागों द्वारा कोर्ट में स्टे लेने की प्रक्रिया

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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