Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए टीईटी से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है। प्रदेश में लंबे समय से लंबित शिक्षक संवर्ग के करीब 30 हजार पदोन्नति मामलों को टीईटी प्रक्रिया से जोड़कर आगे बढ़ाने की तैयारी है। पदोन्नति के बाद खाली होने वाले पदों और सेवानिवृत्ति से होने वाली रिक्तियों को मिलाकर आने वाले समय में बड़ी संख्या में नए पद भर्ती के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। हालांकि, करीब 48 हजार पदों पर भर्ती का आंकड़ा फिलहाल संभावित रिक्तियों का अनुमान है, कोई घोषित भर्ती विज्ञापन नहीं। मौजूदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वास्तविक रिक्त पदों और भर्ती का आकार स्पष्ट होगा।
करीब 30 हजार शिक्षकों का प्रमोशन लंबित
मध्यप्रदेश में इस वर्ष जुलाई से सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ी है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक करीब एक लाख अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति दी जा चुकी है, लेकिन लगभग 50 हजार मामले अभी लंबित हैं। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़ा है, जहां करीब 30 हजार शिक्षकों की पदोन्नति टीईटी से संबंधित कारणों से अटकी हुई थी। शिक्षक संवर्ग की पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद इन पदों पर कार्यरत शिक्षकों के उच्च पदों पर जाने से उनके पुराने पद रिक्त होंगे। इन्हीं रिक्तियों का असर भविष्य की भर्ती प्रक्रिया पर पड़ सकता है।
विशेष टीईटी की प्रक्रिया जारी
मध्यप्रदेश में प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं में पढ़ा रहे शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 की प्रक्रिया चल रही है। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट पर इस परीक्षा के आवेदन संबंधी सूचना और संशोधित नियम पुस्तिका उपलब्ध है। हालांकि परीक्षा के आयोजन को लेकर प्रक्रिया में बदलाव भी हुआ है। सितंबर में सामने आए अपडेट के मुताबिक विशेष टीईटी के आयोजन की जिम्मेदारी कर्मचारी चयन मंडल से हटाकर माध्यमिक शिक्षा मंडल को देने की तैयारी की गई थी। परीक्षा नवंबर या दिसंबर में होने की संभावना बताई गई थी।
टीईटी क्यों है महत्वपूर्ण?
टीईटी का मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों से भी जुड़ा है। उपलब्ध दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिन सरकारी शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष से अधिक समय बचा है और जिन्होंने निर्धारित प्रावधानों के तहत टीईटी पास नहीं की है, उनके लिए परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी है। ऐसे शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक टीईटी पास करने की समय-सीमा दी गई है। वहीं, जिन शिक्षकों की सेवा में पांच वर्ष से कम समय बचा है, उनके लिए परिस्थितियां अलग हैं और पदोन्नति के संदर्भ में टीईटी की पात्रता लागू होने की स्थिति अलग-अलग हो सकती है।
नए अभ्यर्थियों के लिए क्या मायने?
शिक्षक पदों पर नई भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए सबसे अहम बात यह है कि प्रमोशन और रिटायरमेंट के बाद वास्तविक रिक्तियों की संख्या सामने आने पर ही नई भर्ती का रास्ता स्पष्ट होगा। यदि बड़ी संख्या में पद पदोन्नति और सेवानिवृत्ति के कारण खाली होते हैं, तो भविष्य में उन पदों को भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भरे जाने की संभावना बन सकती है। लेकिन अभी 48 हजार पदों पर नई भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी नहीं हुआ है। इसलिए अभ्यर्थियों को 48 हजार के आंकड़े को फिलहाल संभावित रिक्तियों का अनुमान मानना चाहिए, न कि घोषित भर्ती।
2026 में भर्ती या आगे?
मौजूदा आधिकारिक जानकारी में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट पर वर्ष 2026 की शिक्षक पात्रता परीक्षा संबंधी प्रक्रिया दिखाई जा रही है, जबकि नई शिक्षक भर्ती के लिए अलग से 48 हजार पदों का विज्ञापन उपलब्ध नहीं है। यानी फिलहाल फोकस टीईटी, लंबित प्रमोशन और रिक्तियों के निर्धारण पर है। इसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वास्तविक रिक्त पदों की गणना और भर्ती का निर्णय लिया जा सकता है।
