Anmol Sandesh News Desk, नेपाल
Nepal Flood Bhote Koshi River: नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद हालात अब भी बेहद गंभीर बने हुए हैं। भोटेकोशी नदी में एक बार फिर पानी का बहाव तेज होने की सूचना ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इस आपदा में अब तक 734 लोगों की मौत और 2500 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर है। वहीं, तिब्बत में भी बाढ़ से 16 लोगों की मौत बताई जा रही है।
भोटेकोशी नदी को लेकर फिर अलर्ट
भीषण बाढ़ के कुछ दिनों बाद अब भोटेकोशी नदी में दोबारा तेज बहाव की आवाज सुनाई देने की सूचना सामने आई है। इसके बाद नेपाल की National Disaster Risk Reduction and Management Authority (NDRRMA) ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों में नदी के आसपास के इलाकों में विशेष सावधानी बरतने को कहा है। लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में फंसे लोग
बाढ़ के कारण नेपाल के कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कई कर्मचारी और मजदूर परियोजनाओं की सुरंगों और प्रभावित क्षेत्रों में फंस गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले करीब 898 कर्मचारी अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि लगभग 361 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। नेपाल की सेना और सुरक्षा एजेंसियां लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
भारत ने फिर भेजी राहत सामग्री
नेपाल में जारी संकट के बीच भारत ने एक बार फिर मदद का हाथ बढ़ाया है। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव के मुताबिक, भारत से राहत सामग्री लेकर चौथी उड़ान काठमांडू पहुंची। इस विमान में करीब 11 टन राहत सामग्री भेजी गई, जिसमें कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं। इसके अलावा सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश और बचाव अभियान के लिए जरूरी उपकरण और अतिरिक्त तकनीकी टीम भी भेजी गई है।
खतरा अभी टला नहीं!
नेपाल पहले ही भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड की तबाही से जूझ रहा है। अब भोटेकोशी नदी में फिर से तेज बहाव की सूचना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पहाड़ी इलाकों में मौसम और नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रशासन की अपील: रसुवा, नुवाकोट और धादिंग में नदी के आसपास रहने वाले लोग सतर्क रहें और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें। आधिकारिक निर्देश मिलने पर तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर जाएं।
