Anmol Sandesh News Desk, ओरछा/भोपाल
मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर ओरछा से एक बड़ी चर्चा सामने आई है। यहां स्थित प्रसिद्ध जहांगीर महल का नाम बदले जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के एक बयान के बाद इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

CM मोहन यादव के बयान से बढ़ी चर्चा
दतिया में चुनाव प्रचार के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ओरछा पहुंचे थे, जहां उन्होंने पर्यटन विभाग के शीश महल में रात्रि विश्राम किया। इस दौरान जिला पंचायत CEO ने उन्हें जहांगीर महल के इतिहास के बारे में जानकारी दी।इस पर मुख्यमंत्री ने कहा—“जब जहांगीर आया ही नहीं, तो काहे का जहांगीर महल?” CM के इस बयान के बाद महल के नाम को लेकर नई बहस शुरू हो गई।
‘रामराजा महल‘ नाम रखने की मांग
मुख्यमंत्री के बयान के बाद कुछ स्थानीय नेताओं ने मांग उठाई कि जहांगीर महल का नाम बदलकर ‘रामराजा महल’ किया जाए। उनका कहना है कि ओरछा की पहचान भगवान रामराजा मंदिर और बुंदेली संस्कृति से जुड़ी है।
नाम बदलने पर CM ने क्या कहा?
जब मीडिया ने मुख्यमंत्री से जहांगीर महल का नाम बदलने को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि यह विषय विद्वानों का काम है। हालांकि, उनके पहले दिए गए बयान के बाद इस मुद्दे पर कयास और तेज हो गए हैं।अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार या प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक कदम उठाया जाता है या नहीं।
