Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
संसद का 19 दिनों तक चला मानसून सत्र गुरुवार को भारी हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। सत्र के समापन के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार की ओर से सदन के कामकाज का ब्यौरा रखा और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।रिजिजू के मुताबिक, संसद में कुल 12 विधेयक पारित हुए, लेकिन लोकसभा में इनमें से 11 विधेयकों पर चर्चा नहीं हो सकी। सिर्फ एक विधेयक पर चर्चा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा में हिस्सा लेने के बजाय सदन की कार्यवाही बाधित करने और चर्चा से दूर रहने को प्राथमिकता दे रहा है।
लोकसभा में सिर्फ 19% समय का इस्तेमाल
संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि लोकसभा में उपलब्ध निर्धारित समय का करीब 19% ही प्रभावी इस्तेमाल हो पाया। वहीं राज्यसभा में यह आंकड़ा करीब 39% रहा।उन्होंने कहा कि विधायी कामकाज की दृष्टि से सरकार सत्र को सफल मानती है, क्योंकि 12 विधेयक पारित किए गए, लेकिन चर्चा के लिहाज से सत्र संतोषजनक नहीं रहा।
“11 बिल बिना चर्चा के पास हुए”
रिजिजू ने कहा कि लोकसभा में 12 में से 11 बिल बिना चर्चा के पारित हुए, जबकि एक विधेयक पर चर्चा हुई।वहीं राज्यसभा में विधेयकों पर चर्चा हुई और विपक्ष के कुछ दलों ने वॉकआउट के बावजूद बहस में हिस्सा लिया। रिजिजू ने कहा कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और कुछ अन्य दलों ने वॉकआउट किया, जबकि बाकी विपक्षी दल चर्चा में शामिल हुए।
विपक्ष पर रिजिजू का बड़ा आरोप
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि हंगामे के बीच भी मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है। उनका कहना था कि पहले विपक्ष सदन में बातचीत और चर्चा में शामिल होता था, लेकिन वर्तमान विपक्ष चर्चा से बच रहा है।रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल संसद में अपनी बात रखने के बजाय सदन की कार्यवाही को बाधित कर रहे हैं।
19 दिन चला संसद का मानसून सत्र
संसद का यह मानसून सत्र कुल 19 दिनों तक चला। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी राजनीतिक खींचतान देखने को मिली।सत्र के दौरान कई बार दोनों सदनों की कार्यवाही हंगामे के कारण बाधित हुई। विपक्ष की ओर से विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की गई, जबकि सरकार ने विधायी कामकाज को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
सरकार बनाम विपक्ष—हंगामे पर फिर बहस
सत्र खत्म होने के बाद एक बार फिर संसद में हंगामे बनाम चर्चा को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।सरकार का दावा है कि विपक्ष ने सदन की कार्यवाही को बाधित कर महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा का अवसर गंवाया। वहीं विपक्ष आमतौर पर सरकार पर महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा का अवसर नहीं देने और अपनी मांगों को नजरअंदाज करने के आरोप लगाता रहा है।
आंकड़ों में मानसून सत्र
- कुल अवधि: 19 दिन
- कुल पारित विधेयक: 12
- लोकसभा में चर्चा: 1 विधेयक पर
- लोकसभा में बिना चर्चा पारित: 11 विधेयक
- लोकसभा प्रभावी समय: करीब 19%
- राज्यसभा प्रभावी समय: करीब 39%
