Anmol Sandesh News Desk,पुणे
चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस की जांच में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि आरोपी सिया गोयल ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल से सगाई होने के बावजूद करीब चार महीने पहले अपने प्रेमी चेतन चौधरी से गुपचुप शादी कर ली थी। हालांकि, इस दावे की पुलिस अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रही है और सभी पहलुओं की जांच जारी है।

रजिस्ट्रार ऑफिस में हुई थी सीक्रेट शादी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिया और चेतन ने पुणे के रजिस्ट्रार कार्यालय में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत विवाह पंजीकृत कराया था। पुलिस कथित मैरिज सर्टिफिकेट और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही सिया की दो कॉलेज सहेलियों से भी पूछताछ की जा रही है, जिनके बारे में दावा है कि वे शादी की गवाह थीं।
डिलीट हुई इंस्टाग्राम तस्वीरें भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसियां एक इंस्टाग्राम अकाउंट से हटाई गई तस्वीरों को रिकवर करने की कोशिश कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन तस्वीरों में सिया और चेतन वरमाला पहने दिखाई दे रहे थे। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या दोनों ने कानूनी रूप से शादी की थी।
बैंक रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस
जांच के दौरान चेतन चौधरी के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या शादी की प्रक्रिया जल्दी पूरी कराने या अन्य किसी उद्देश्य से किसी बिचौलिए को पैसे दिए गए थे।

क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, 18 जून को केतन अग्रवाल और सिया गोयल पुणे के लोहगढ़ किले पर गए थे। आरोप है कि वहां सिया और उसके प्रेमी चेतन ने मिलकर केतन को लगभग 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस मामले में दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनसे पूछताछ जारी है।
वायरल चैट से बढ़ा शक
सोशल मीडिया पर सामने आई एक कथित स्नैपचैट चैट में सिया अपनी दोस्त से शादी की बुकिंग के लिए आधार कार्ड मांगते हुए लिखती है—“शादी की टिकट के लिए आधार कार्ड भेज दे… जो होने नहीं वाली, लेकिन फिर भी भेज दे।”इस चैट की भी पुलिस जांच कर रही है। इसकी प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।


19 दिनों में रची गई कथित साजिश
जांच में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार—
- 31 मई: पुलिस के अनुसार, लोहगढ़ किले की यात्रा के दौरान हत्या की कथित योजना बनी।
- 5 जून: सिया ने दोबारा किले पर चलने का दबाव बनाया, लेकिन केतन नहीं गया। इसी दौरान विदेश यात्रा से पहले उसका पासपोर्ट छिपाने का भी आरोप है।
- 14 जून: पुलिस का दावा है कि पहली बार धक्का देने की कोशिश की गई, लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया।
- 18 जून: दूसरी बार लोहगढ़ किले पर ले जाकर कथित तौर पर सिया और चेतन ने मिलकर केतन को खाई में धक्का दे दिया।
जांच जारी, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
पुलिस फिलहाल सभी डिजिटल साक्ष्य, बैंक रिकॉर्ड, दस्तावेज और गवाहों के बयान जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मीडिया रिपोर्ट्स में किए गए दावे कितने सही हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों और जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।
