Anmol Sandesh News Desk, रियाद |
सऊदी अरब में एयरपोर्ट और तेल ठिकाने पर हमलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सऊदी अरामको के तेल ठिकाने पर हुए हमलों में एक भारतीय समेत तीन लोगों की मौत और 10 लोगों के घायल होने की खबर है। घायलों में तीन भारतीय नागरिक भी शामिल बताए गए हैं। इन घटनाओं के बीच क्षेत्र में तनाव बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मार्ग बदलने की जानकारी सामने आई है।
दम्माम एयरपोर्ट पर हमला, एक भारतीय की मौत
प्राप्त खबर के अनुसार, दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई। इस हमले में दो भारतीयों समेत आठ लोग घायल हुए हैं। एयरपोर्ट को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है। सऊदी अरब की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने गुरुवार को घटना की जानकारी दी। वहीं, फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट FlightRadar24 ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि हमले के बाद विमानों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है। दम्माम फारस की खाड़ी के तट पर स्थित एक प्रमुख शहर है, जो बहरीन और कतर के नजदीक है। ऐसे में यहां की हवाई सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता का असर क्षेत्रीय विमानन व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
अरामको के तेल ठिकाने पर ड्रोन हमला
एयरपोर्ट के अलावा सऊदी अरब की प्रमुख तेल कंपनी अरामको के एक तेल ठिकाने को भी ड्रोन हमले में निशाना बनाए जाने की खबर है। इस घटना में नेपाल और फिलीपींस के एक-एक नागरिक की मौत हुई, जबकि एक भारतीय समेत दो लोग घायल हुए।
महत्वपूर्ण तेल प्रतिष्ठानों और नागरिक हवाई अड्डों को निशाना बनाए जाने की खबरों ने सऊदी अरब की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, हमलों की जिम्मेदारी और घटनाओं से जुड़े सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
16 दिनों में छह बड़े हमलों का दावा
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अक्टूबर के शुरुआती दिनों में सऊदी अरब के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले हुए। इनमें एयरपोर्ट, मिसाइल और ड्रोन से जुड़ी घटनाएं शामिल हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों में अब तक कम से कम 23 लोगों की मौत और 370 लोगों के घायल होने की बात कही गई है।
अक्टूबर में सऊदी अरब पर हुए हमलों का घटनाक्रम
6 अक्टूबर: जजान और नजरान के एयरपोर्ट को निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई। सऊदी एयर डिफेंस ने बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने का दावा किया।
7 अक्टूबर: रियाद और अभा एयरपोर्ट पर हमलों की सूचना मिली। अधिकारियों के हवाले से तीन विदेशी नागरिकों की मौत और 36 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई।
8 अक्टूबर: रियाद एयरपोर्ट पर एक और हमले की खबर आई। रिपोर्ट के अनुसार, तीन सऊदी नागरिकों की मौत हुई और सरकारी एयरलाइन सऊदिया का एक विमान क्षतिग्रस्त हुआ।
10 अक्टूबर: रियाद एयरपोर्ट पर मिसाइल हमले में एक भारतीय समेत 13 लोगों की मौत और 300 से अधिक लोगों के घायल होने का दावा किया गया। इसके बाद उड़ानें रोकनी पड़ीं।
11 अक्टूबर: रियाद एयरपोर्ट पर मिसाइल या ड्रोन गिरने की खबर आई। इसमें एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत और 11 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई।
अमेरिका ने सऊदी अरब से अपने राजनयिकों को हटाया
क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरे के बीच अमेरिका ने सऊदी अरब में तैनात अपने कुछ राजनयिकों और सरकारी कर्मचारियों को उनके परिवारों के साथ देश छोड़ने को कहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट के अनुसार, मंत्रालय के कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। रिपोर्ट में नागरिक एयरपोर्ट और महत्वपूर्ण सुविधाओं पर हमलों को कर्मचारियों को हटाने के फैसले की एक प्रमुख वजह बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी के आखिर में ईरान के खिलाफ शुरू हुए अमेरिकी सैन्य अभियान के शुरुआती दौर में अमेरिकी दूतावास को भी भारी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद वहां सीमित संख्या में कर्मचारी काम कर रहे थे और हाल के हफ्तों में कुछ राजनयिक वापस लौटे थे।
UAE, जॉर्डन, कतर और बहरीन को लेकर भी चर्चा
अमेरिकी मीडिया में संयुक्त अरब अमीरात (UAE), जॉर्डन, कतर और बहरीन से भी अमेरिकी दूतावास के कर्मचारियों को वापस बुलाए जाने की खबरें सामने आने का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इन देशों से कर्मचारियों को हटाने संबंधी खबरों को गलत बताया और स्पष्ट किया कि देश छोड़ने का आदेश सऊदी अरब में तैनात कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए था।
इस घटनाक्रम के बीच अमेरिकी प्रशासन की ईरान को लेकर संभावित अगली रणनीति पर भी चर्चा तेज होने की बात कही जा रही है।
पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी पर भी नजर
NBC की रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि अमेरिकी सेना पश्चिम एशिया के कुछ सैन्य ठिकानों पर अपनी मौजूदगी कम कर रही है। दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता ने सैन्यकर्मियों की तैनाती में बदलाव को मिशन की तैयारी बेहतर रखने के लिए की जाने वाली नियमित प्रक्रिया बताया।
ऐसे में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सैन्य तैनाती में बदलाव को अपने आप किसी नए हमले की पुष्टि नहीं माना जा सकता।
पश्चिम एशिया में बढ़ सकता है तनाव
सऊदी अरब के एयरपोर्ट और तेल प्रतिष्ठानों पर हमलों की खबरें ऐसे समय आई हैं, जब क्षेत्र में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को लेकर पहले से ही चिंताएं बनी हुई हैं।
यदि महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रहते हैं, तो हवाई यातायात, तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। भारतीय नागरिकों के प्रभावित होने की खबरों के कारण खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों की सुरक्षा भी एक अहम मुद्दा बन गई है।
