Monday, October 12, 2026
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PM मोदी को लेकर शेखर सुमन का बड़ा बयान! बोले— ‘देश में और भी बड़े मुद्दे हैं’, शो बंद होने की अटकलों पर तोड़ी चुप्पी

Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली 

Shekhar Suman Show Controversy: अभिनेता शेखर सुमन इन दिनों अपने नए शो ‘शेखर टुनाइट’ को लेकर सुर्खियों में हैं। शो में राजनीतिक व्यंग्य और मौजूदा मुद्दों पर की गई टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। इसी बीच शो के अगले एपिसोड पर रोक लगने और सरकार की नाराजगी को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर शेखर सुमन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके जैसे छोटे से शो को लेकर परेशान होंगे। उनके इस बयान के बाद एक बार फिर शो और राजनीतिक व्यंग्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

PM मोदी को लेकर क्या बोले शेखर सुमन?

शेखर सुमन ने ‘द लल्लनटॉप’ को दिए इंटरव्यू में शो को लेकर उठ रहे सवालों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मौकों पर आलोचना को जरूरी बता चुके हैं। इसी सोच से प्रेरित होकर उन्होंने अपने कार्यक्रम में राजनीतिक व्यंग्य और आलोचना को जगह देने का फैसला किया। शेखर सुमन के मुताबिक, उन्हें नहीं लगता कि प्रधानमंत्री इतने कमजोर हैं कि उनके शो में की गई टिप्पणियों के कारण सरकार की ओर से किसी तरह का दबाव बनाया जाएगा। उनका मानना है कि राजनीतिक व्यंग्य को लेकर इस तरह की आशंकाएं जताना सही नहीं है।

‘देश में और भी बड़े मुद्दे हैं’, शेखर सुमन ने क्यों कही ये बात?

शेखर सुमन ने शो बंद होने या अगले एपिसोड पर रोक लगने की चर्चाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में कई बड़े मुद्दे हैं, जिन पर प्रधानमंत्री का ध्यान रहता है। ऐसे में उनके शो को लेकर सरकार के परेशान होने की बात उन्हें सही नहीं लगती। उनके इस बयान को शो पर संभावित रोक और सरकारी दबाव को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, शो बंद किए जाने या अगले एपिसोड पर रोक लगाए जाने की किसी आधिकारिक पुष्टि का उल्लेख उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

किसी एक पार्टी के खिलाफ नहीं है ‘शेखर टुनाइट’

शेखर सुमन ने स्पष्ट किया कि उनका शो किसी एक राजनीतिक पार्टी या नेता को निशाना बनाने के उद्देश्य से नहीं बनाया गया है। उनका कहना है कि कार्यक्रम के जरिए व्यवस्था, उसकी कमियों और उससे जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए जाते हैं। अभिनेता के मुताबिक, सत्ता में कोई भी राजनीतिक दल हो, अगर व्यवस्था में कुछ गलत होता है तो उसकी आलोचना होनी चाहिए। राजनीतिक व्यंग्य का उद्देश्य केवल किसी पार्टी पर टिप्पणी करना नहीं, बल्कि उन मुद्दों को सामने लाना भी है, जिन पर सार्वजनिक चर्चा जरूरी है।

संजय दत्त के बयान से क्यों बढ़ा विवाद?

‘शेखर टुनाइट’ का गांधी जयंती विशेष एपिसोड भी चर्चा में आ गया था। इस एपिसोड में अभिनेता संजय दत्त ने देश में शांति को लेकर अपनी बात रखी थी। इसके बाद उनकी टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई और शो को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। इसी घटनाक्रम के बाद कार्यक्रम के भविष्य और अगले एपिसोड को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। अब शेखर सुमन की प्रतिक्रिया ने इस बहस को एक नया मोड़ दे दिया है।

राजनीतिक व्यंग्य पर फिर छिड़ी बहस

शेखर सुमन के बयान से एक बार फिर यह सवाल चर्चा में है कि राजनीतिक व्यंग्य और आलोचना की सीमाएं क्या होनी चाहिए। एक ओर जहां व्यंग्य को लोकतांत्रिक विमर्श का हिस्सा माना जाता है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलती हैं।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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