Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत और दहेज उत्पीड़न मामले में एक बार फिर कानूनी हलचल तेज हो गई है। मामले की आरोपी, पूर्व जज और ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह ने ट्रायल कोर्ट से नियमित जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अब सभी की नजर हाई कोर्ट की सुनवाई पर टिकी है।

ट्रायल कोर्ट से दूसरी बार नहीं मिली राहत
25 जुलाई 2026 को भोपाल की विशेष सीबीआई अदालत (प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम प्रताप मिश्रा) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी।सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत में जमानत का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपी पूर्व न्यायाधीश हैं और रिहा होने की स्थिति में गवाहों और सबूतों को प्रभावित करने की आशंका है, जिससे जांच की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। अदालत ने इन तर्कों को स्वीकार करते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
पहले भी हाई कोर्ट से मिल चुका था झटका
इससे पहले 27 मई 2026 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी। उसी आदेश के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था और तब से वे न्यायिक हिरासत में हैं।
अब हाई कोर्ट में होगी अगली कानूनी लड़ाई
ट्रायल कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अब गिरिबाला सिंह ने नियमित जमानत के लिए हाई कोर्ट में नई याचिका दाखिल की है। याचिका में दावा किया गया है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं, वे जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं और उनकी उम्र व स्वास्थ्य को देखते हुए जमानत दी जानी चाहिए।दूसरी ओर, सीबीआई हाई कोर्ट में भी जमानत का विरोध करेगी और ट्रायल कोर्ट के आदेश का समर्थन करते हुए अपना पक्ष रखेगी।
अब क्या होगा?
हाई कोर्ट की सुनवाई इस मामले में अहम मानी जा रही है। यदि अदालत जमानत याचिका स्वीकार करती है तो गिरिबाला सिंह को राहत मिल सकती है। वहीं यदि याचिका खारिज होती है, तो उन्हें न्यायिक हिरासत में रहना होगा और आगे की कानूनी प्रक्रिया ट्रायल के दौरान जारी रहेगी।
