Anmol Sandesh News Desk,लंदन
ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नेता कीर स्टार्मर ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्टार्मर ने कहा कि पार्टी को लगता है कि आगामी आम चुनाव में नेतृत्व के लिए नए चेहरे की आवश्यकता है, इसलिए उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया है।स्टार्मर का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब लेबर पार्टी के भीतर लंबे समय से असंतोष बढ़ता जा रहा था। पार्टी के 400 सांसदों में से 100 से अधिक सांसदों ने उनके नेतृत्व पर सवाल उठाए थे और उनसे पद छोड़ने या इस्तीफे की समयसीमा तय करने की मांग की थी।
पार्टी के भीतर बढ़ा दबाव
लेबर पार्टी में असंतोष उस समय और खुलकर सामने आया जब कई वरिष्ठ नेताओं ने भी स्टार्मर के नेतृत्व पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग, रक्षा मंत्री जॉन हीली और जेस फिलिप्स जैसे नेताओं ने भी नेतृत्व परिवर्तन की मांग का समर्थन किया था।लगातार बढ़ते दबाव के बीच आखिरकार स्टार्मर ने पद छोड़ने का निर्णय लिया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि नए नेता के चुने जाने तक वह कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।
17 जुलाई तक मिल सकता है नया प्रधानमंत्री
अपने संबोधन में स्टार्मर ने कहा कि लेबर पार्टी जुलाई के मध्य तक नए नेता का चुनाव कर लेगी। उन्होंने बताया कि अपने फैसले की जानकारी उन्होंने किंग चार्ल्स तृतीय को भी दे दी है।अब पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (NEC) नेतृत्व चुनाव की प्रक्रिया तय करेगी। 9 जुलाई से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, जबकि संसद के ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले यानी 17 जुलाई तक नए नेता का चयन करने का लक्ष्य रखा गया है।ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्था के अनुसार जनता सीधे प्रधानमंत्री का चुनाव नहीं करती। लोग सांसद चुनते हैं और संसद में बहुमत रखने वाली पार्टी का नेता ही प्रधानमंत्री बनता है। इसलिए लेबर पार्टी का नया नेता ही देश का अगला प्रधानमंत्री बनने का सबसे बड़ा दावेदार होगा।

एंडी बर्नहैम सबसे मजबूत दावेदार
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एंडी बर्नहैम इस समय प्रधानमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। हाल ही में उपचुनाव जीतकर संसद में लौटे बर्नहैम को लेबर सांसदों के बड़े वर्ग का समर्थन प्राप्त बताया जा रहा है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बर्नहैम पार्टी के अलग-अलग गुटों को साथ लेकर चलने की क्षमता रखते हैं। कोविड महामारी के दौरान उन्होंने आम लोगों के मुद्दों को मजबूती से उठाया था, जिससे उनकी लोकप्रियता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।हालांकि नेतृत्व की दौड़ में केवल बर्नहैम ही नहीं हैं। पार्टी की उपनेता एंजेला रेनर, वरिष्ठ नेता यवेट कूपर और वेस स्ट्रीटिंग जैसे नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल बताए जा रहे हैं।
स्टार्मर पर क्यों बढ़ा दबाव?
कीर स्टार्मर ने 2024 में लेबर पार्टी को बड़ी चुनावी जीत दिलाई थी, लेकिन इसके बाद उनकी लोकप्रियता लगातार घटती चली गई। कई नीतिगत यू-टर्न, आर्थिक चुनौतियां और जनता से किए गए वादों को पूरा न कर पाने के आरोपों ने उनकी राजनीतिक स्थिति को कमजोर कर दिया।इसके अलावा हालिया उपचुनावों में पार्टी के प्रदर्शन और आंतरिक असंतोष ने भी नेतृत्व परिवर्तन की मांग को तेज कर दिया था।

सात साल में छठा प्रधानमंत्री
यदि नया नेता जुलाई में पद संभालता है तो ब्रिटेन को पिछले सात वर्षों में छठा प्रधानमंत्री मिलेगा।इससे पहले डेविड कैमरन, थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज ट्रस और ऋषि सुनक भी अपने-अपने कार्यकाल पूरे होने से पहले या राजनीतिक परिस्थितियों के चलते पद छोड़ चुके हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्था में प्रधानमंत्री की कुर्सी काफी हद तक पार्टी सांसदों के समर्थन पर निर्भर करती है। जैसे ही सांसदों का भरोसा कम होता है, नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।अब पूरे ब्रिटेन की नजर लेबर पार्टी के नेतृत्व चुनाव पर है, क्योंकि आने वाले कुछ सप्ताह देश की राजनीति की दिशा तय करने वाले साबित हो सकते हैं।
