Anmol Sandesh News Desk,वॉशिंगटन डीसी
अमेरिका ने इंसानों जैसे दिखने वाले ह्यूमनॉइड रोबोट और चार पैरों पर चलने वाले क्वाड्रुपेड रोबोट के आयात पर रोक लगा दी है। अमेरिका के फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने इस फैसले के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़े खतरे को वजह बताया है।यह प्रतिबंध उन रोबोट पर लागू होगा जो अभी अमेरिका में आयात नहीं हुए हैं। हालांकि, पहले से अमेरिका में इस्तेमाल हो रहे रोबोट इस फैसले के दायरे में नहीं आएंगे।

अमेरिका को क्यों लगा खतरा?
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में अगर जरूरी सेवाओं, उद्योगों और इंफ्रास्ट्रक्चर में विदेशी कंपनियों के रोबोट का इस्तेमाल बढ़ता है, तो सुरक्षा जोखिम पैदा हो सकते हैं।
अमेरिका को आशंका है कि:
* तनाव या विवाद की स्थिति में रोबोट की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
* साइबर हमलों के जरिए बिजली ग्रिड, संचार नेटवर्क और जरूरी सिस्टम को निशाना बनाया जा सकता है।
* विदेशी तकनीक पर निर्भरता राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका और चीन के बीच AI, रोबोटिक्स और एडवांस टेक्नोलॉजी में वैश्विक बढ़त की होड़ तेज हो चुकी है।

चीन ने किया विरोध
अमेरिका के इस फैसले पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चीनी दूतावास ने आरोप लगाया कि अमेरिका बिना ठोस सबूत के चीनी कंपनियों को निशाना बना रहा है।चीन ने कहा कि वह अपने तकनीकी उद्योगों और कंपनियों के हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।
रोबोटिक्स में चीन कितना आगे?
ह्यूमनॉइड रोबोट के क्षेत्र में चीन तेजी से आगे बढ़ रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक:
- साल 2024 में चीन ने अपने कारखानों में करीब 2.95 लाख औद्योगिक रोबोट लगाए।
- वहीं अमेरिका में यह संख्या करीब 34,200 रही।
- चीन के कारखानों में 20 लाख से ज्यादा औद्योगिक रोबोट काम कर रहे हैं।
- अमेरिका में इनकी संख्या करीब 3.94 लाख है।
विशेषज्ञों के अनुसार, दुनिया में मौजूद ह्यूमनॉइड रोबोट का बड़ा हिस्सा चीन से जुड़ा हुआ है।
AI और रोबोटिक्स की नई जंग
अमेरिका अभी भी अत्याधुनिक AI मॉडल और चिप टेक्नोलॉजी में मजबूत स्थिति में है, लेकिन चीन ने रोबोट निर्माण और AI आधारित मशीनों के उत्पादन में तेजी से विस्तार किया है।चीन की कंपनियां तेजी से ऐसे रोबोट बना रही हैं जो इंसानों की तरह चलने, काम करने और उद्योगों में मदद करने में सक्षम हैं।
अमेरिका की चीन पर पहले से सख्त नीति
ह्यूमनॉइड रोबोट पर रोक अमेरिका की चीन को लेकर सख्त तकनीकी नीति का हिस्सा मानी जा रही है।
अमेरिका पहले ही:
* चीन को एडवांस AI चिप्स के निर्यात पर प्रतिबंध लगा चुका है।
* हुवावे और ZTE जैसी कंपनियों पर सुरक्षा कारणों से कार्रवाई कर चुका है।
* टिकटॉक के डेटा सुरक्षा मुद्दे पर सवाल उठा चुका है।
* चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों और कई उत्पादों पर टैरिफ बढ़ा चुका है।
आने वाला समय रोबोटिक्स का?
AI और रोबोटिक्स को भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकों में माना जा रहा है। ऐसे में अमेरिका और चीन के बीच यह तकनीकी मुकाबला आने वाले वर्षों में और तेज हो सकता है।अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या रोबोटिक्स की दौड़ में चीन आगे रहेगा या अमेरिका नई रणनीति से बढ़त हासिल करेगा।

