Anmol Sandesh News Desk,नई दिल्ली।
देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज एक साथ बदल रहा है। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल चुका है और इसके आगे डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की सुबह के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट के बीच विशाखापट्टनम और गोपालपुर के आसपास पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से ओडिशा और आसपास के राज्यों में भारी बारिश का दौर तेज हो सकता है। वहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं। दूसरी ओर राजस्थान और पंजाब के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है।
ओडिशा में भारी बारिश, कई जिलों में स्कूल बंद
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के प्रभाव से ओडिशा के तटीय और दक्षिणी हिस्सों में तेज बारिश हो रही है। मौसम खराब होने के कारण खुर्दा, जगतसिंहपुर, गंजाम और गजपति में स्कूल बंद किए गए हैं। कुछ अन्य क्षेत्रों में भी एहतियाती कदम उठाए गए हैं। मलकानगिरी में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र 24 सितंबर तक बंद रखने का फैसला किया गया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में टीमें तैनात की हैं और कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द की गई हैं। IMD के अनुसार मौसम प्रणाली के कारण ओडिशा-आंध्र तट पर तेज बारिश और हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
MP में 23 से बारिश बढ़ेगी, 24-26 सितंबर तक असर
मध्य प्रदेश में भी मौसम का नया दौर सक्रिय होने वाला है। IMD के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 और 24 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 24 सितंबर को भारी बारिश और 25-26 सितंबर को कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट दर्ज किया गया है। इसका असर प्रदेश के कई जिलों में दिखाई दे सकता है। बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। किसानों और आम लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
बिहार में भी कई दिन बारिश का अलर्ट
बिहार में 23 सितंबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। IMD के अनुसार 23 सितंबर को भारी बारिश, 24 और 25 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। 26 से 28 सितंबर के बीच भी कई क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है। इस दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति भी बन सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

छत्तीसगढ़ में भी बारिश का दौर
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का प्रभाव छत्तीसगढ़ पर भी पड़ सकता है। प्रदेश में कई जगह बारिश का दौर जारी है और आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। खासकर बस्तर और प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। बारिश के दौरान बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में मानसून की विदाई, पश्चिमी हिस्सों में गर्मी
राजस्थान में अब दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का दौर शुरू हो गया है। पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां कमजोर होने के साथ तापमान बढ़ने लगा है। IMD के बुलेटिन में बीकानेर जैसे क्षेत्रों में अगले दिनों अधिकतम तापमान 39 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान दर्ज है। जैसलमेर में भी तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई है। मानसून की वापसी के साथ पश्चिमी राजस्थान में गर्मी और उमस का असर फिर बढ़ रहा है।
उत्तर प्रदेश में अभी राहत, आगे फिर बारिश के संकेत
उत्तर प्रदेश में फिलहाल कई इलाकों में बारिश कमजोर है, लेकिन IMD के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम फिर बदल सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 सितंबर से गरज-चमक और 25 सितंबर से भारी बारिश की चेतावनी है। 26-28 सितंबर तक भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। सीतापुर में भी आने वाले दिनों में बारिश की संभावना दर्ज की गई है। IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में 25 सितंबर को मध्यम बारिश और 26 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना दी गई है।

उत्तराखंड में 25 सितंबर के बाद बदलेगा मौसम
उत्तराखंड में 25 सितंबर से गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। IMD ने 26 से 28 सितंबर तक बहुत भारी बारिश की चेतावनी दर्ज की है। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क यातायात प्रभावित होने का जोखिम बढ़ सकता है।
हिमाचल और पंजाब में मानसून की वापसी का असर
हिमाचल प्रदेश में 22 सितंबर के IMD उपखंडीय पूर्वानुमान में अगले सात दिनों के लिए कोई चेतावनी दर्ज नहीं थी। वहीं पंजाब में भी 22 से 28 सितंबर के बीच IMD के उपखंडीय पूर्वानुमान में कोई मौसम चेतावनी दर्ज नहीं है। मानसून की वापसी की परिस्थितियां उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बन रही हैं।
देश में दो तरह का मौसम
मौजूदा मौसम स्थिति में देश के अलग-अलग हिस्सों में दो अलग तस्वीर दिखाई दे रही है। पूर्वी और मध्य भारत में बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के कारण बारिश बढ़ने के संकेत हैं, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में मानसून की वापसी शुरू हो गई है और राजस्थान में तापमान बढ़ रहा है। मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए भारी बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को नदी-नालों, जलभराव वाले रास्तों और खुले इलाकों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
