Anmol Sandesh News Desk,भोपाल
भोपाल में नवरात्रि से पहले गरबा आयोजनों में मुस्लिम समाज की भागीदारी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा की हालिया टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए मध्यप्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखा है। कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीशान रहमान (शानू) ने 21 सितंबर 2026 को लिखे पत्र में मामले में मार्गदर्शन और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की है।
रामेश्वर शर्मा के बयान से शुरू हुआ विवाद
मामला भोपाल में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए रामेश्वर शर्मा के बयान से जुड़ा है। सामने आए वीडियो में शर्मा ने गरबा में मुस्लिम युवाओं की भागीदारी का जिक्र करते हुए कहा कि वे अकेले क्यों आते हैं और अपनी बहन-बेटियों को भी साथ लेकर आएं। उन्होंने आगे कहा कि उनके युवा भी गरबा खेलने के लिए तैयार हैं। शर्मा ने अपने बयान में गरबा में आने वाले मुस्लिमों से हिंदू धार्मिक प्रतीकों और परंपराओं को अपनाने की बात भी कही। बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।
मुस्लिम त्योहार कमेटी ने जताई आपत्ति
कमेटी की ओर से मोहन भागवत को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि मीडिया में प्रकाशित जानकारी के अनुसार विधायक ने मुस्लिम युवाओं के गरबा में आने को लेकर टिप्पणी की है। कमेटी का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में जनप्रतिनिधियों के बयान का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। पत्र में कहा गया कि गरबा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है तथा आयोजकों के नियमों का सम्मान किया जाना चाहिए। साथ ही सार्वजनिक संवाद में सभी समुदायों के प्रति सम्मान और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की जरूरत है।
मोहन भागवत से मार्गदर्शन की मांग
मुस्लिम त्योहार कमेटी ने पत्र में भोपाल और मध्यप्रदेश में विभिन्न समुदायों के बीच भाईचारे का उल्लेख करते हुए मोहन भागवत से इस विषय में उचित स्तर पर मार्गदर्शन और हस्तक्षेप की मांग की है। कमेटी ने कहा कि धार्मिक आयोजनों को लेकर ऐसा माहौल नहीं बनना चाहिए, जिससे समाज में अनावश्यक दूरी या तनाव पैदा हो। पत्र में संविधानसम्मत सामाजिक सद्भाव, आपसी सम्मान और भाईचारे को मजबूत करने की अपील की गई है।
कांग्रेस ने भी जताई प्रतिक्रिया
रामेश्वर शर्मा की टिप्पणी पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद समेत विपक्षी नेताओं ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि धार्मिक आयोजन को लेकर सार्वजनिक मंच से दिए गए ऐसे बयानों से सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है। दूसरी ओर, गरबा में मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर भाजपा नेताओं की ओर से धार्मिक आयोजन की प्रकृति और आयोजकों के नियमों का हवाला दिया जा रहा है।
