Tuesday, September 22, 2026
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MP में बारिश का नया दौर: भोपाल समेत 33 जिलों में बरसे बादल, 24-25 सितंबर को स्ट्रॉन्ग सिस्टम; 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

 

Anmol Sandesh News Desk,भोपाल

मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने वाला है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के करीब 33 जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि सागर जिले के देवरी में सबसे ज्यादा करीब 2.4 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, सीहोर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, देवास, खंडवा, रीवा, सिंगरौली, सीधी, सतना, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी, नर्मदापुरम और बैतूल समेत कई जिलों में पानी गिरा। करीब 100 से ज्यादा शहरों और कस्बों में भी बारिश दर्ज की गई।

23 सितंबर से बढ़ेगा बारिश का असर

मौसम विभाग के अनुसार 23 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जबकि 24 और 25 सितंबर को सिस्टम की सक्रियता सबसे ज्यादा रहने की संभावना है। इन दो दिनों में करीब 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्यप्रदेश के साथ भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में भी इसका असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक बारिश की इस गतिविधि के पीछे बंगाल की खाड़ी से जुड़ी मौसम प्रणाली और निम्न दबाव क्षेत्र की भूमिका है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से—जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग—में इसका असर अधिक रहने की संभावना जताई गई है।

अब तक सामान्य से 6% कम बारिश

प्रदेश में अब तक करीब 856.8 मिलीमीटर यानी 33.7 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य औसत से लगभग 6 प्रतिशत कम है। हालांकि आने वाले दिनों में बारिश का नया दौर इस कमी को कुछ हद तक कम कर सकता है। पूर्वी हिस्से में बारिश सामान्य से करीब 2 प्रतिशत कम है, जबकि पश्चिमी हिस्से में कमी लगभग 10 प्रतिशत तक बताई गई है। कुछ जिलों में अब भी सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज हुई है, जबकि कई जिलों में औसत से ज्यादा पानी गिर चुका है।

भोपाल में रात की बारिश, कई इलाकों में असर

भोपाल में पिछले दिनों तेज बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति बनी। शहर के कुछ हिस्सों में रात के समय तेज बारिश हुई, जबकि सोमवार को भी कई इलाकों में हल्की बारिश और बादल छाए रहे। नर्मदापुरम में भी तेज हवा के बाद बारिश हुई। फेफरताल क्षेत्र में पेड़ गिरने से 33 केवी बिजली लाइन प्रभावित हुई, जिससे शहर के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। कुछ स्थानों पर गणेश पंडालों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई।

जून में कम बारिश, जुलाई-अगस्त ने संभाला आंकड़ा

मौसम विभाग के अनुसार मानसून की शुरुआत में प्रदेश में बारिश कमजोर रही। जून में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। इसके बाद जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश होने से स्थिति में सुधार आया, लेकिन जून की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। मानसून के दौरान दो बार बारिश में ब्रेक भी आया। इसके बावजूद बाद में सक्रिय हुए सिस्टम के कारण कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। अब सितंबर के आखिरी सप्ताह में बनने वाला सिस्टम प्रदेश के बारिश के आंकड़े को और सुधार सकता है।

पांच बड़े शहरों में बारिश का रिकॉर्ड

भोपाल

भोपाल में सितंबर की औसत बारिश करीब 7 इंच है। शहर में पिछले कुछ वर्षों से सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज होती रही है। सितंबर में 24 घंटे की सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 2 सितंबर 1947 को 9.2 इंच का बताया जाता है।

इंदौर

इंदौर में सितंबर के दौरान भारी बारिश के कई रिकॉर्ड दर्ज हुए हैं। सितंबर में 24 घंटे में करीब पौने 7 इंच बारिश का रिकॉर्ड 20 सितंबर 1987 को दर्ज हुआ था।

ग्वालियर

ग्वालियर में सितंबर 1990 में करीब 647 मिलीमीटर यानी 25.5 इंच बारिश दर्ज हुई थी, जो सितंबर का प्रमुख मासिक रिकॉर्ड है। 7 सितंबर 1988 को 24 घंटे में करीब 12.5 इंच बारिश का रिकॉर्ड भी दर्ज है।

जबलपुर

जबलपुर में 20 सितंबर 1926 को 24 घंटे में करीब 8.5 इंच बारिश दर्ज होने का रिकॉर्ड है। पूरे सितंबर में करीब 32 इंच बारिश का रिकॉर्ड भी इसी वर्ष से जुड़ा है।

उज्जैन

उज्जैन में सितंबर के दौरान भी कई बार भारी बारिश दर्ज हुई है। सितंबर 1961 में करीब 43 इंच बारिश दर्ज होने का रिकॉर्ड बताया जाता है। 27 सितंबर 1961 को 24 घंटे में करीब 5.5 इंच बारिश हुई थी।

मानसून की विदाई से पहले आखिरी बड़ा दौर

दक्षिण-पश्चिम मानसून सितंबर के अंतिम सप्ताह से प्रदेश से विदाई की ओर बढ़ता है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश को मानसून के अंतिम सक्रिय दौर के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि किसी जिले में कितनी बारिश होगी, यह स्थानीय मौसम प्रणाली की स्थिति पर निर्भर करेगा। मौसम विभाग ने लोगों को अगले दिनों के जिला-वार अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी है।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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