Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
मध्य प्रदेश में सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति पर निगरानी मजबूत करने की तैयारी की जा रही है। राज्य के प्रमुख प्रशासनिक भवनों में अब फेस रिकग्निशन-बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम (FRAS) के जरिए हाजिरी दर्ज कराने की व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत कर्मचारियों को कैमरे के सामने अपनी पहचान सत्यापित कर उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य कार्यालयों में उपस्थिति की निगरानी को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।
यह व्यवस्था भोपाल स्थित वल्लभ भवन क्रमांक-1, 2 और 3, सतपुड़ा भवन, विंध्याचल भवन और मंत्रालय अभिलेखागार में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए की जा रही है। इसके लिए 15 से 30 अक्टूबर तक अलग-अलग तिथियों में ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया संचालित की जा रही है।
क्या है फेस रिकग्निशन अटेंडेंस सिस्टम?
फेस रिकग्निशन-बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम एक ऐसी तकनीक है, जिसमें कैमरे की मदद से कर्मचारी के चेहरे की पहचान सत्यापित कर उसकी उपस्थिति दर्ज की जाती है। इस व्यवस्था में कर्मचारियों को पहले अपना पंजीयन कराना होगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनकी उपस्थिति दर्ज की जा सकेगी।
इस तकनीक के जरिए कार्यालयों में कर्मचारियों के आने-जाने और उपस्थिति से संबंधित रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से दर्ज करने में मदद मिलेगी। प्रशासनिक स्तर पर इसे उपस्थिति प्रबंधन को डिजिटल बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
वल्लभ भवन, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन में व्यवस्था
राज्य सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, प्रमुख प्रशासनिक भवनों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए FRAS पंजीयन की व्यवस्था की गई है।
इनमें शामिल हैं:
- वल्लभ भवन: क्रमांक-1, 2 और 3 में अलग-अलग मंजिलों एवं कक्षों के अनुसार पंजीयन की व्यवस्था।
- विंध्याचल भवन: सी-विंग के तीसरे तल पर स्थित यूएनडीपी मीटिंग हॉल में पंजीयन की सुविधा।
- सतपुड़ा भवन: ए-विंग के प्रथम तल पर स्थित पेंशन विभाग में पंजीयन की व्यवस्था।
- मंत्रालय अभिलेखागार: यहां कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीयन कराना होगा।
अधिकारियों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए भवनवार तकनीकी सहायता टीमें भी तैनात की गई हैं, ताकि पंजीयन के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं का समाधान किया जा सके।
30 अक्टूबर तक पूरा करना होगा पंजीयन
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 15 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 तक अलग-अलग तिथियों में अधिकारियों और कर्मचारियों का ऑनलाइन पंजीयन किया जा रहा है। संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित स्थान और समय के अनुसार पंजीयन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
पंजीयन के दौरान कर्मचारियों की आवश्यक जानकारी दर्ज की जाएगी, ताकि फेस रिकग्निशन सिस्टम के माध्यम से उनकी पहचान सत्यापित कर उपस्थिति दर्ज की जा सके।
सरकारी दफ्तरों में समयपालन पर रहेगा जोर
मध्य प्रदेश के प्रमुख प्रशासनिक भवनों में इस तकनीक को लागू करने का एक अहम उद्देश्य उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है। डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम से उपस्थिति के रिकॉर्ड की निगरानी आसान हो सकती है और मैन्युअल हाजिरी पर निर्भरता कम हो सकती है।
हालांकि, इस व्यवस्था से कर्मचारियों के समय पर आने और कार्यालयीन कार्यों में कितना सुधार होता है, यह इसके प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी पर निर्भर करेगा।
अब वल्लभ भवन, सतपुड़ा भवन और विंध्याचल भवन में अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ने जा रहा है। 30 अक्टूबर तक चलने वाली पंजीयन प्रक्रिया इस व्यवस्था को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
