Anmol Sandesh News Desk, कानपुर
Kanpur Robbery Case: उत्तर प्रदेश के कानपुर में भाजपा नेता के फार्म हाउस पर हुई लाखों रुपये की लूट की वारदात से हड़कंप मच गया है। बदमाशों ने कथित तौर पर हथियारों के दम पर भाजपा नेता को बंधक बनाकर सोने के आभूषण, महंगी घड़ी और नकदी समेत करीब 32 लाख रुपये का सामान लूट लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल से सीधे जानकारी लेकर जल्द से जल्द वारदात का खुलासा करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी प्रदीप कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
भाजपा नेता के फार्म हाउस में कैसे हुई वारदात?
जानकारी के मुताबिक, कानपुर के नेवरी गांव में भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश मंत्री रमेश यादव के फार्म हाउस पर सोमवार रात लूट की वारदात हुई। बताया जा रहा है कि घटना के समय रमेश यादव परिसर में अकेले थे। इसी दौरान दो नकाबपोश बदमाश फार्म हाउस की पिछली दीवार फांदकर अंदर दाखिल हुए।
आरोप है कि बदमाशों ने तमंचे और चाकू के बल पर रमेश यादव को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद उनके हाथ-पैर बांध दिए और मुंह पर टेप लगाकर लूटपाट शुरू कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी उन्हें बाथरूम में बंद करके मौके से फरार हो गए।
सोने के आभूषण, महंगी घड़ी और 12 लाख रुपये नकद लूटे
फार्म हाउस में हुई इस वारदात में बदमाश कथित तौर पर सोने के आभूषण और एक महंगी घड़ी अपने साथ ले गए। इसके अलावा बेडरूम में रखी अलमारी से करीब 12 लाख रुपये नकद लूटने की बात सामने आई है।
लूटी गई नकदी और अन्य सामान की कुल कीमत करीब 32 लाख रुपये बताई जा रही है। हालांकि, लूटे गए सामान का अंतिम आकलन और बरामदगी की स्थिति पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
CM योगी ने मांगी रिपोर्ट, पुलिस महकमे में कार्रवाई
घटना की जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की रिपोर्ट मांगी। उन्होंने पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल से सीधे जानकारी लेकर पुलिस को जल्द से जल्द आरोपियों तक पहुंचने और वारदात का खुलासा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद पुलिस महकमे में कार्रवाई भी हुई और संबंधित थाना प्रभारी प्रदीप कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई को मामले की गंभीरता और पुलिस की जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है।
आठ पुलिस टीमें जांच में जुटीं
लूट की घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस ने आठ टीमें गठित की हैं। जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके साथ ही मोबाइल टावरों से मिले डेटा और घटनास्थल के आसपास सक्रिय रहे संदिग्ध मोबाइल नंबरों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात में शामिल बदमाशों को फार्म हाउस की स्थिति, वहां मौजूद लोगों और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पहले से कोई जानकारी थी या नहीं। इस पहलू को ध्यान में रखते हुए उन लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है, जिन्हें फार्म हाउस और उसकी गतिविधियों की जानकारी हो सकती है।
संदिग्धों से पूछताछ, गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटे गए सामान की बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती नकाबपोश बदमाशों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना और लूटे गए सामान को बरामद करना है। मुख्यमंत्री के निर्देशों और आठ टीमों की जांच के बीच इस मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
