Anmol Sandesh News Desk, लखनऊ
Divya Mittal New Political Party: उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपनी नई पारी का आगाज कर दिया है। उन्होंने किसी स्थापित राजनीतिक दल में शामिल होने के बजाय अपनी पार्टी ‘जननीति भारत’ बनाने का ऐलान किया है। इसके साथ ही उन्होंने अपने चुनावी इरादे भी साफ कर दिए हैं। दिव्या मित्तल ने घोषणा की है कि वह उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगी।
दिव्या मित्तल के आईएएस की नौकरी छोड़ने के बाद से ही उनकी राजनीतिक पारी को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। अब नई पार्टी की घोषणा के साथ इन चर्चाओं पर विराम लग गया है। खास बात यह है कि उन्होंने अपनी राजनीतिक शुरुआत के लिए किसी दूसरे दल का मंच चुनने के बजाय खुद का संगठन खड़ा करने का रास्ता अपनाया है।
30 सितंबर को किया था राजनीति में आने का ऐलान
दिव्या मित्तल ने 30 सितंबर को राजनीति में आने के संकेत देते हुए कहा था कि वह उत्तर प्रदेश में ही रहेंगी। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई थी कि वह समाजवादी पार्टी या कांग्रेस जैसे किसी दल से जुड़ सकती हैं। हालांकि, उन्होंने इन अटकलों से अलग अपनी पार्टी बनाने का फैसला किया।
वर्ष 2013 बैच की आईएएस अधिकारी रहीं दिव्या मित्तल ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पोस्ट साझा कर बताया था कि 15 अक्टूबर को वह अपने राजनीतिक सफर का अगला कदम जनता के सामने रखेंगी। इसके बाद उन्होंने वीडियो के माध्यम से अपनी नई पार्टी ‘जननीति भारत’ की घोषणा की और अपनी राजनीतिक सोच को सामने रखा।
दिव्या मित्तल ने क्यों बनाई ‘जननीति भारत’ पार्टी?
नई पार्टी की घोषणा करते हुए दिव्या मित्तल ने कहा कि समस्या राजनीति की कमी नहीं, बल्कि आम लोगों की सुनवाई नहीं होने की है। उन्होंने जनता की भागीदारी, जरूरतों के आधार पर निर्णय लेने और जवाबदेही को अपनी राजनीतिक विचारधारा का प्रमुख आधार बताया।
उनकी ओर से पेश किए गए विचारों में शासन और नीतियों को जनता की जरूरतों से जोड़ने पर जोर दिया गया है। पार्टी के जरिए उन्होंने ऐसी व्यवस्था की बात रखी, जिसमें लोगों की समस्याओं को सुना जाए, उनकी भागीदारी से फैसले लिए जाएं और निर्णयों के परिणामों के लिए जवाबदेही भी तय हो।
पार्टी के तीन वचन, जनता को केंद्र में रखने का दावा
दिव्या मित्तल ने ‘जननीति भारत’ के तीन प्रमुख वचन भी बताए। इन वचनों के जरिए उन्होंने अपनी पार्टी की प्राथमिकताओं और काम करने के तरीके को स्पष्ट करने की कोशिश की।
पहला वचन: जनता की भागीदारी से बनेंगी नीतियां
दिव्या मित्तल के मुताबिक, देश की नीतियों के केंद्र में जनता होगी। नीतियां केवल ऊपर से तय करने के बजाय लोगों की भागीदारी के आधार पर तैयार की जाएंगी, ताकि आम नागरिकों की जरूरतों और समस्याओं को प्राथमिकता मिल सके।
दूसरा वचन: जरूरत के आधार पर होंगे फैसले
उन्होंने कहा कि फैसले किसी व्यक्ति की पहचान के आधार पर नहीं, बल्कि उसकी जरूरत के अनुसार लिए जाने चाहिए। इस विचार के जरिए उन्होंने निर्णय प्रक्रिया को लोगों की वास्तविक परिस्थितियों और आवश्यकताओं से जोड़ने की बात कही।
तीसरा वचन: जनता के प्रति जवाबदेही
दिव्या मित्तल ने जवाबदेही को भी अपनी पार्टी का अहम सिद्धांत बताया। उनके अनुसार, हर काम के लिए जनता के प्रति जवाबदेही तय होनी चाहिए और कामकाज के आधार पर जरूरी सुधार किए जाने चाहिए।
मिर्जापुर सदर सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान, अब आगे क्या?
नई पार्टी के गठन के साथ ही मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा दिव्या मित्तल के राजनीतिक सफर का महत्वपूर्ण कदम है। इससे उनकी राजनीति का शुरुआती फोकस भी सामने आ गया है।
अब देखना होगा कि ‘जननीति भारत’ उत्तर प्रदेश में अपना संगठन किस तरह खड़ा करती है, जनता के बीच अपनी विचारधारा को कैसे पहुंचाती है और चुनावी मैदान में उसे कितना समर्थन मिलता है। एक पूर्व प्रशासनिक अधिकारी के रूप में काम कर चुकी दिव्या मित्तल के लिए अब प्रशासनिक अनुभव को राजनीतिक एजेंडे और जनसमर्थन में बदलना बड़ी चुनौती होगी।
