Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
Bhopal News: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में मां राजराजेश्वरी कोटि हरिद्रा कुंकुमार्चन महाअनुष्ठान का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। संत श्री रावतपुरा सरकार के सान्निध्य में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में करीब 50 हजार श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। आयोजन के दौरान एक करोड़ अर्चन का संकल्प पूरा किया गया। इस महाअनुष्ठान की खास बात यह रही कि इसमें देश के विभिन्न राज्यों से जुटाई गई 238 प्रकार की पूजन सामग्रियों का उपयोग किया गया। धार्मिक आस्था, भव्य व्यवस्थाओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने पूरे आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया।
लाल परेड ग्राउंड में सजा भव्य पंडाल, 1100 आचार्यों ने संभाली अनुष्ठान की व्यवस्था
मां राजराजेश्वरी कोटि हरिद्रा कुंकुमार्चन महाअनुष्ठान के लिए भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में विशेष तैयारियां की गई थीं। श्रद्धालुओं की सहभागिता को देखते हुए भव्य मंच, पूजन स्थल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार की गईं। शाम 7 बजे शुरू हुए इस अनुष्ठान को करीब ढाई घंटे में संपन्न कराने की रूपरेखा बनाई गई थी।
इस विशाल धार्मिक आयोजन में वाराणसी, हरिद्वार, वृंदावन और रावतपुरा सरकार देवस्थानम सहित विभिन्न धार्मिक केंद्रों से जुड़े 1100 आचार्यों ने सहभागिता की। आचार्यों की उपस्थिति में अनुष्ठान की धार्मिक प्रक्रियाओं और पूजन व्यवस्थाओं को संपन्न कराया गया।
करीब 50 हजार श्रद्धालुओं की भागीदारी के साथ एक करोड़ अर्चन का संकल्प पूरा होना आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां राजराजेश्वरी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की और प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संत श्री रावतपुरा सरकार से लिया आशीर्वाद
इस महाअनुष्ठान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए। उन्होंने संत श्री रावतपुरा सरकार से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर पूज्य महाराज श्री ने मुख्यमंत्री का शॉल और श्रीफल भेंट कर स्वागत किया तथा उन्हें मां राजराजेश्वरी का चित्र प्रदान किया।
शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की उपस्थिति भी चर्चा का विषय रही। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करना था।
नेपाल से रुद्राक्ष, केरल से 1100 चांदी के सिक्के; देशभर से पहुंची पूजन सामग्री
इस महाअनुष्ठान की सबसे खास विशेषताओं में देश के अलग-अलग हिस्सों से जुटाई गई पूजन सामग्री शामिल रही। आयोजन के लिए कुल 238 प्रकार की सामग्रियों की व्यवस्था की गई थी। इन सामग्रियों को विभिन्न राज्यों और शहरों से मंगाया गया, जिससे आयोजन का स्वरूप व्यापक और भव्य बना।
आयोजन में शामिल प्रमुख सामग्रियां इस प्रकार रहीं:
- नेपाल: रुद्राक्ष।
- केरल: 1100 चांदी के सिक्के।
- गुजरात के सूरत: 11 हजार साड़ियां।
- ओडिशा: 31 हजार साबुत नारियल।
- कोलकाता: 21 हजार पान के पत्ते।
- महाराष्ट्र के भुसावल: 21 टन केले।
- जम्मू: 10 क्विंटल सेब।
- उत्तर प्रदेश के झांसी: एक लाख दीपक।
- छत्तीसगढ़ के रायपुर: 21 क्विंटल चावल।
- आगरा: 11 क्विंटल पेड़े।
इन सामग्रियों की व्यवस्था से आयोजन की व्यापक तैयारियों का अंदाजा लगाया जा सकता है। अलग-अलग क्षेत्रों की वस्तुओं को धार्मिक अनुष्ठान में शामिल करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे।
मध्यप्रदेश के जिलों से भी पहुंची विशेष सामग्री
महाअनुष्ठान में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से भी बड़ी मात्रा में पूजन सामग्री जुटाई गई। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की सामग्री ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- टीकमगढ़: 11 हजार कमल के फूल।
- इंदौर और खंडवा: 50 क्विंटल विभिन्न प्रकार के फूल।
- इंदौर: पांच क्विंटल पंचमेवा।
- पन्ना: 11 लाख बिल्व पत्र।
- नरसिंहपुर: 21 क्विंटल गुड़ और 11 हजार गन्ने।
इसके अलावा सब्जियों, मिठाइयों, औषधियों और अन्य आवश्यक पूजन सामग्रियों की भी व्यवस्था की गई थी। इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री जुटाने के लिए प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से समन्वय किया गया।
क्या है कोटि हरिद्रा कुंकुमार्चन महाअनुष्ठान?
कोटि हरिद्रा कुंकुमार्चन एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान है, जिसमें देवी की आराधना के दौरान हल्दी और कुंकुम से संबंधित पूजन विधियों का महत्व होता है। ‘कोटि’ शब्द करोड़ की संख्या को दर्शाता है, जबकि ‘अर्चन’ का अर्थ आराधना या पूजन करना है।
इस तरह के अनुष्ठानों में देवी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ लोककल्याण, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है। भोपाल में आयोजित इस महाअनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और आचार्यों की सहभागिता रही।
प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए की गई कामना
शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित मां राजराजेश्वरी कोटि हरिद्रा कुंकुमार्चन महाअनुष्ठान का प्रमुख उद्देश्य प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करना रहा। करीब 50 हजार श्रद्धालुओं की सहभागिता, 1100 आचार्यों की मौजूदगी और 238 प्रकार की पूजन सामग्रियों के उपयोग ने इसे भोपाल के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में विशेष स्थान दिलाया।
नेपाल से लेकर केरल तक और मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से जुटाई गई सामग्री इस आयोजन की व्यापक तैयारियों को दर्शाती है। संत श्री रावतपुरा सरकार के सान्निध्य में संपन्न हुए इस महाअनुष्ठान में श्रद्धालुओं ने मां राजराजेश्वरी के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
